SAURAV SINGH

Ranchi: झारखंड पुलिस महकमे के लिए छह अगस्त की तारीख एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जाती है. छह अगस्त 2018 को राज्य पुलिस बल को एक साथ 2,650 नए सब इंस्पेक्टर (दारोगा) मिले थे. आज इस ऐतिहासिक बैच की सेवा के आठ साल सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं.

राज्य के 80 प्रतिशत थानों की संभाल रहे कमान
वर्तमान में 2018 बैच के ये अधिकारी झारखंड के करीब 80 प्रतिशत पुलिस थानों में बतौर थाना प्रभारी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कानून-व्यवस्था बनाए रखने, उग्रवाद पर अंकुश लगाने और आपराधिक मामलों के त्वरित निष्पादन में इस बैच का योगदान काफी सराहनीय रहा है. निष्पक्ष जांच और बेहतर अनुसंधान कौशल के कारण इस बैच के कई अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पदक’ और ‘केंद्रीय गृह मंत्री उत्कृष्ट अनुसंधान पदक’ सहित कई पुलिस सम्मानों से भी नवाजा जा चुका है.

आठ वर्षों से नहीं आई नई भर्ती, युवाओं में मायूसी
एक तरफ जहां 2018 बैच अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली से महकमे का मान बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर एक चिंताजनक पहलू यह भी है कि वर्ष 2018 की इस ऐतिहासिक बहाली के बाद से अब तक झारखंड में दारोगा पद के लिए कोई नई भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है. बीते आठ वर्षों से राज्य के लाखों युवा खाकी वर्दी पहनकर पुलिस सेवा में जाने का सपना देख रहे हैं. अभ्यर्थियों की उम्र सीमा बीत रही है और भर्ती विज्ञापन का इंतजार लंबा होता जा रहा है.
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