Pakur: जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 के सफल क्रियान्वयन को लेकर शनिवार को रविंद्र भवन टाउन हॉल में बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण सह जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीसी मेघा भारद्वाज, पाकुड़ विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह अपर समाहर्ता, लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी, महेशपुर विधानसभा क्षेत्र के निर्वाची पदाधिकारी सह भूमि सुधार उप समाहर्ता तथा सभी विधानसभा क्षेत्रों के सहायक निर्वाची पदाधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया.
मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त मेघा भारद्वाज ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 निर्वाचन प्रक्रिया की अत्यंत महत्वपूर्ण गतिविधि है, जिसका उद्देश्य त्रुटिरहित, अद्यतन एवं शुद्ध मतदाता सूची तैयार करना है. उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों तथा अपात्र व्यक्तियों के नाम सूची से हटाए जाएं, यह सुनिश्चित करना बीएलओ एवं बीएलओ पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
लोकतंत्र की आधारशिला है मतदाता सूची
उपायुक्त ने कहा कि मतदाता सूची किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और उसकी शुद्धता एवं विश्वसनीयता ही लोकतंत्र की मजबूती की पहचान है. उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी कर्मियों से कहा कि वे मास्टर ट्रेनरों द्वारा दी जा रही जानकारी को गंभीरता से समझें तथा किसी भी प्रकार की शंका या जिज्ञासा का समाधान प्रशिक्षण के दौरान ही प्राप्त करें.
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जिम्मेदारी और दक्षता पर बल
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि सभी कर्मियों को आत्मविश्वास, दक्षता एवं जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए सक्षम बनाना है. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्रता संबंधी मानकों, आवश्यक दस्तावेजों तथा विभिन्न प्रपत्रों की जानकारी का सही अनुपालन सुनिश्चित किया जाए. साथ ही उन मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जहां मतदाता सूची में त्रुटियों अथवा विसंगतियों की संभावना अधिक है.
निष्पक्षता और पारदर्शिता जरूरी
उपायुक्त ने कहा कि एसआईआर कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता एवं पारदर्शिता के साथ संपादित किया जाना चाहिए. विशेष रूप से नाम विलोपन की कार्रवाई से पूर्व सभी तथ्यों एवं प्रमाणों का समुचित सत्यापन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचा जाए.
नियमों के अनुसार हो कार्रवाई
उन्होंने कहा कि निर्वाचन कार्यों में केवल व्यक्तिगत परिचय अथवा स्थानीय जानकारी के आधार पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सकता. प्रत्येक कार्रवाई निर्धारित नियमों, दिशा-निर्देशों एवं दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर ही की जानी चाहिए.
जागरूकता सामग्री होगी तैयार
डीसी ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी ढंग से आमजन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक जागरूकता सामग्री, मार्गदर्शिका तथा ऑडियो-वीडियो सूचना सामग्री तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक मतदाता एवं संबंधित कर्मी प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझ सकें.
