Hazaribagh: हजारीबाग जिले के मोरांगी (पौता) में घटित ट्रिपल मर्डर की हृदयविदारक घटना ने पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. 21 वर्षीय वसीफा नाज़, 19 वर्षीय सानिया परवीन और 25 वर्षीय मोहम्मद आदिल के शव तालाब से बरामद होने के बाद पूरे राज्य में आक्रोश और शोक की लहर है. इस जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी रांची जाने के क्रम में तत्काल हजारीबाग सदर अस्पताल पहुंचे.
एक्शन मोड में मंत्री, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
सदर अस्पताल में उमड़ी हजारों की भीड़ और पीड़ित परिजनों के बीच पहुंचे मंत्री ने सबसे पहले पोस्टमार्टम हाउस जाकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. मंत्री ने कड़े लहजे में कहा कि इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
वैज्ञानिक जांच के निर्देश, पीड़ित परिवार को आश्वासन
डॉ. इरफान अंसारी ने पुलिस अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार के प्रत्येक सदस्य का बयान दर्ज किया जाए. वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को गति दी जाए. मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमार्टम कराया जाए ताकि रिपोर्ट निष्पक्ष और सटीक हो.
पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर मंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया कि सरकार इस दुख की घड़ी में उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है. उन्होंने कहा कि न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी जो समाज के लिए एक मिसाल बनेगी.
कानून का राज सर्वोच्च प्राथमिकता
मंत्री ने दोहराया कि झारखंड में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है. मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज होगी. उन्होंने जनता से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए विश्वास दिलाया कि “न्याय हर हाल में होगा और दोषी जेल की सलाखों के पीछे होंगे.”
