Ranchi: झारखंड के सांसद (लोकसभा और राज्यसभा) लोकल एरिया डेवलपमेंट के तहत मिली राशि का 50 फीसदी हिस्सा भी नहीं खर्च कर पाए हैं. वहीं खर्च करने में नागालैंड, सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और यूपी के सांसद झारखंड के सांसदों से आगे निकल गए हैं. देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की इस सूची में झारखंड आठवें पायदान पर खड़ा है.

कितनी मिली राशि?
झारखंड के सांसदों को अब तक क्षेत्र विकास के लिए 293.2 करोड़ रुपये दिए गए, लेकिन इसमें से सिर्फ 134.1 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं. यानी 45.8 फीसदी राशि ही खर्च हो पाई है. 54% से ज्यादा का फंड बिना इस्तेमाल के यूं ही डंप पड़ा रहा. जितने भी कार्य शुरू किए गए, उनमें से पूर्णता दर महज 21.7% है.
पूर्वोत्तर ने दिखाई असली आक्रामकता
• नागालैंड : मात्र 2 सांसदों वाले इस छोटे से राज्य को 35.4 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जिसमें से 33.4 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. इसका फंड यूटिलाइजेशन गजब का 94.5% है और पूर्णता दर 263.9% है.
• सिक्किम : 2 सांसदों वाले सिक्किम ने 62.9% फंड इस्तेमाल करते हुए 107.9% की पूर्णता दर दर्ज की है.
• अरुणाचल प्रदेश : 3 सांसदों वाले इस राज्य ने 54.0% फंड यूटिलाइजेशन के साथ 293.3% की अद्भुत कार्य पूर्णता दर दिखाई है.
• उत्तर प्रदेश : 111 सांसदों वाले इस राज्य को 1,778.3 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 899.9 करोड़ रुपये (50.6%) खर्च किए गए और 10 हजार से अधिक कार्य पूरे किए गए.
• बिहार : 55 सांसदों वाले बिहार ने 851.3 करोड़ रुपये में से 379.7 करोड़ रुपये (44.6%) का उपयोग करते हुए 101.6% की पूर्णता दर हासिल की.
• तमिलनाडु : 57 सांसदों वाले इस दक्षिण भारतीय राज्य ने 837.7 करोड़ रुपये के आवंटन पर 42.9% फंड खर्च किया और पूर्णता दर 108.6% तक पहुंचाई.
ये राज्य खर्च करने पीछे
• पश्चिम बंगाल: फंड उपयोग मात्र 29.1%
• महाराष्ट्रः 65 सांसदों वाले इस आर्थिक पावरहाउस का फंड उपयोग सिर्फ 20.2% है.
• ओडिशा : फंड उपयोग महज 15.6%
• लद्दाख : फंड उपयोग सिर्फ 3.7%
• दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीउ: फंड उपयोग 0.0% (यानी खाता तक नहीं खुला).
झारखंड की फैक्ट फाइल
• कुल आवंटित राशि : 293.2 करोड़ रुपये
• खर्च की गई राशि : 134.1 करोड़ रुपये
• फंड उपयोग की दर : मात्र 45.8%
• पूर्ण किए गए कार्य: 986
• कार्य पूर्णता दर : 21.7%

