Khunti: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी संगठनात्मक प्राथमिकताओं और चुनावी चुनौतियों को देखते हुए अपनी रणनीतिक बिसात बिछानी शुरू कर दी है. इसी कड़ी में बुधवार को खूंटी के नगर भवन सभागार में झामुमो का एक दिवसीय ‘बूथ स्तरीय कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर’ संपन्न हुआ. शिविर में खूंटी, तोरपा और तमाड़ विधानसभा क्षेत्रों के हजारों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया, जहां मुख्य रूप से ‘एसआईआर’ (SIR) प्रक्रिया और मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर गंभीर मंथन किया गया.

‘SIR’ के बहाने केंद्र और आयोग पर तीखा हमला
शिविर को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर तीखा राजनीतिक हमला बोला. उन्होंने कार्यकर्ताओं को ‘एसआईआर’ की पेचीदगियों को समझाते हुए बूथ स्तरीय एजेंटों (BLA-2) को बेहद सतर्क रहने की हिदायत दी.
केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा: “जिन राज्यों में ‘एसआईआर’ के बाद हालिया चुनाव संपन्न हुए हैं, वहां एक सोची-समझी रणनीति के तहत लाखों वैध मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से साफ कर दिए गए. बिहार और पश्चिम बंगाल इसके प्रत्यक्ष उदाहरण हैं, जहां इसके बेहद गंभीर परिणाम देखने को मिले. लाखों लोगों के नाम कटने के बाद माननीय अदालत को भी हस्तक्षेप करना पड़ा और कोर्ट ने स्पष्ट माना कि नागरिकों को मतदान से वंचित करना उनके संवैधानिक अधिकारों का सीधा हनन है.” पांडेय ने आगे कहा कि झारखंड में इस तरह की गड़बड़ी की पुनरावृत्ति किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए हमारे बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को हर एक मतदान केंद्र पर मुस्तैद रहना होगा ताकि किसी भी वास्तविक वोटर का नाम सूची से बाहर न हो.
गठबंधन सरकार की मुफ्त योजनाओं को बचाने की चुनौती: रामसूर्या मुंडा
स्थानीय खूंटी विधायक रामसूर्या मुंडा ने राज्य सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान हेमंत सोरेन सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक मुफ्त कल्याणकारी योजनाएं पहुंचा रही है. इन जनहितैषी योजनाओं की निरंतरता को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हमारा जनाधार मजबूत रहे. उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगाह किया कि अन्य राज्यों की तर्ज पर यहाँ जैसे-तैसे ‘एसआईआर’ की गलत एंट्री कर मतदाताओं के नाम खारिज करने की साजिश हो सकती है, जिसे हमें नाकाम करना है.
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वोट का अधिकार ही नागरिकता की पहचान
तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया ने विषय की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि यदि ‘एसआईआर’ की आड़ में हमारे पारंपरिक वोट बैंक और स्थानीय लोगों के नाम हटाए जाते हैं, तो यह सीधे तौर पर उनकी नागरिकता के अधिकारों पर चोट होगी. नाम जोड़ने और विलोपन (हटाने) की स्क्रूटनी में कार्यकर्ताओं को स्वयं बैठकर सहयोग करना होगा.
तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा ने कड़े लहजे में कार्यकर्ताओं से कहा, “यदि आप इस समय सोए रहे और सजगता नहीं दिखाई, तो आपके अपने क्षेत्र के लोगों का मताधिकार छीन लिया जाएगा. लोकतंत्र में वोट देने का अधिकार ही सबसे बड़ा अधिकार है, इसलिए विधायकों के साथ समन्वय बनाकर हर बूथ पर मुस्तैदी दिखाएं.”
संगठनात्मक दिग्गजों का जुटाव, हजारों की उपस्थिति
इस उच्चस्तरीय प्रशिक्षण शिविर में मुख्य रूप से झामुमो के जिला अध्यक्ष जुबेर अहमद, जिला सचिव सुशील पाहान और जिला कोषाध्यक्ष भोला नाथ लाल ने भी सांगठनिक मजबूती पर अपनी बात रखी. इसके अलावा मंच पर केंद्रीय सदस्य मकसूद अंसारी, अमरनाथ मुंडा, स्नेहलता कण्डुलना, देवनाथ मड़ैया, विरेन कण्डुलना, अगुता हेसमी और उषा धान उपस्थित थे. विंग्स (मोर्चा) के पदाधिकारियों में महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमंती कोनगाडी, जिला उपाध्यक्ष सह जिप सदस्य गुलशन मुंडा, सोनिका बोदरा, संगठन सचिव शंकर सिंह मुंडा, जिला प्रवक्ता द्वय मनोज मंडल व तौकीर आलम, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष शेख फिरोज, किसान मोर्चा अध्यक्ष मांगु होरो, क्रीड़ा मोर्चा अध्यक्ष प्रकाश मुंडा और छात्र मोर्चा के जिलाध्यक्ष कमलेश महतो सहित कोल्हान और आसपास के प्रखंडों-पंचायतों से आए झामुमो कमेटियों के पदाधिकारी व हजारों सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद थे.



