Ranchi: झारखंड की सियासत में इन दिनों चुनावी नतीजों से ज्यादा ‘शून्य’ की गूंज सुनाई दे रही है. झामुमो ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में चुटकी लेते हुए लिखा कि खबर तो यह है कि उस गुजराती भाई ने झारखंड भाजपा के हाथ में शून्य से भरा एक ऐसा थैला थमा दिया है, जिसकी कोई गिनती ही नहीं है. पार्टी ने आगे कहा कि भाजपा ने भी कमाल किया, अपने शून्य-गिनती वाले उम्मीदवार को वापस शून्य ही थमा दिया और सम्मान सहित दिल्ली विदा कर दिया. एक ऐसा थैला मिला जो शून्य से भरा था, और उम्मीदवार भी ऐसा मिला जिसका खाता ही नहीं खुला.
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हार का ग्लोबल रिकॉर्ड और दिल्ली का टिकट
इशारों-इशारों में यह पूरी कहानी कांग्रेस से भाजपा में आए दिग्गज प्रवक्ता और प्रोफेसर गौरव वल्लभ के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है. जोधपुर में जन्मे और जमशेदपुर के प्रतिष्ठित एक्सएलआरआइ में प्रोफेसर रह चुके गौरव वल्लभ का चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड किसी शून्य के सफर से कम नहीं रहा है.

• 2019 का जमशेदपुर संग्राम: जमशेदपुर पूर्वी सीट से पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ ताल ठोकी, लेकिन जनता ने निर्दलीय सरयू राय को चुनकर इन्हें खाली हाथ (शून्य) लौटा दिया.
• राजस्थान का रण: कांग्रेस ने इन्हें उदयपुर विधानसभा सीट से मौका दिया, लेकिन वहां भी किस्मत ने शून्य ही थमाया.
• भाजपा में एंट्री और दिल्ली प्रस्थान: लगातार हार के बाद वह भाजपा में शामिल हुए, लेकिन झारखंड भाजपा ने उन्हें जमीन पर एक्टिव करने के बजाय वापस दिल्ली रवाना कर दिया.
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