Newswave Desk: संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (जोसा) काउंसलिंग 2026 के तहत आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया जारी है. राउंड-1 में सीट आवंटित होने वाले अभ्यर्थियों के लिए 26 जून बेहद महत्वपूर्ण तारीख है. निर्धारित समय सीमा तक सीट स्वीकृति शुल्क जमा नहीं करने पर आवंटित सीट रद्द हो सकती है और उम्मीदवार आगे की काउंसलिंग प्रक्रिया से भी बाहर हो सकते हैं.
26 जून तक पूरा करना होगा ऑनलाइन रिपोर्टिंग
जोसा के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राउंड-1 सीट आवंटन के बाद अभ्यर्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग, दस्तावेज अपलोड और सीट स्वीकृति शुल्क जमा करने की प्रक्रिया 13 जून से 26 जून तक पूरी करनी है. इसके साथ ही दस्तावेजों से संबंधित प्रश्नों का जवाब देना भी जरूरी है.

फीस नहीं भरी तो सीट हो सकती है रद्द
जोसा की गाइडलाइन के अनुसार सीट मिलने के बाद निर्धारित अवधि में सीट स्वीकृति शुल्क जमा करना अनिवार्य है. यदि कोई अभ्यर्थी समय पर शुल्क भुगतान नहीं करता है या ऑनलाइन रिपोर्टिंग की प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तो उसकी आवंटित सीट रद्द की जा सकती है. ऐसे उम्मीदवार आगे के सीट आवंटन राउंड में हिस्सा लेने का अवसर भी खो सकते हैं.
सीट मिलने के बाद क्या करना होगा?
राउंड-1 में सीट मिलने वाले अभ्यर्थियों को सबसे पहले अपने खाते में लॉगिन कर सीट स्वीकार करनी होगी. इसके बाद उन्हें फ्रीज, फ्लोट या स्लाइड विकल्प चुनना होगा और निर्धारित शुल्क का भुगतान कर दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.जोसा काउंसलिंग के माध्यम से देश के 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 आईआईआईटी समेत 100 से अधिक तकनीकी संस्थानों में प्रवेश दिया जाता है. यह प्रक्रिया जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड रैंक के आधार पर संचालित होती है.
अभ्यर्थियों के लिए जरूरी सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि सीट मिलने के बाद अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द शुल्क भुगतान और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए. तकनीकी समस्या या भुगतान संबंधी दिक्कत की स्थिति में देरी होने पर सीट गंवाने का जोखिम बढ़ सकता है.
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