Bihar: भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अपराध, तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए दोनों देशों के सुरक्षा बलों ने संयुक्त रणनीति तैयार की है. सीमा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित समन्वय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई. बैठक में सीमा पार होने वाली आपराधिक गतिविधियों, तस्करी, अवैध आवाजाही और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी.
सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई पर जोर
बैठक में भारत की ओर से सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्रों में रियल टाइम सूचना साझा करने, संयुक्त गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया. इससे सीमा पार अपराधियों, तस्करों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी.

तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रहेगी विशेष नजर
भारत-नेपाल सीमा लंबे समय से खुली सीमा के रूप में जानी जाती है. ऐसे में कई बार तस्करी, अवैध कारोबार और अपराधियों की आवाजाही जैसी चुनौतियां सामने आती रही हैं. हाल के दिनों में सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी तेज करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. बिहार सरकार और केंद्रीय एजेंसियां भी सीमा पर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में लगातार काम कर रही हैं.
सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई जा रही चौकसी
सीमावर्ती इलाकों में गश्त बढ़ाने, सीमा चौकियों के बीच की दूरी कम करने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में भी कार्य जारी है. विशेष रूप से अररिया, सुपौल, किशनगंज और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की योजना पर काम हो रहा है.
दोनों देशों ने जताई बेहतर समन्वय की प्रतिबद्धता
बैठक के दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा सुरक्षा, शांति और आपसी सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई. अधिकारियों का मानना है कि नियमित समन्वय बैठकों और संयुक्त रणनीति के माध्यम से सीमा क्षेत्र में अपराध और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा, जिससे दोनों देशों के नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास और मजबूत होगा.
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