Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में सामने आए कथित फर्जीवाड़े ने अब एक नया रूप ले लिया है. सीआईडी की जांच में मुख्य आरोपी अभय तिवारी (पूर्व मार्केटिंग मैनेजर, टीडीपीएल) द्वारा किए गए दावों के बाद सोशल मीडिया पर एक देशव्यापी मुहिम छेड़ने की तैयारी शुरू हो चुकी है. छात्रों और युवाओं का दावा है कि फर्जीवाड़े व सेटिंग के जरिए पद हासिल करने वाले तमाम अभ्यर्थियों और अधिकारियों के नामों का पर्दाफाश अब केवल राज्य तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाएगा. सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा जा रहा हैं, कि अभय तिवारी द्वारा नाम लिए गए उन तमाम लोगों के नामों और दावों को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने की मुहिम शुरू होगी, जिन पर सेटिंग के जरिए चयन का आरोप लगाया गया है. अब सवाल सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं रहेगा नाम, दावे और सवाल राष्ट्रीय मंच तक पहुंचेंगे.


अभय तिवारी के कबूलनामे से गरमाया माहौल
सीआईडी की पूछताछ में अभय तिवारी ने पूर्व चेयरमैन, सदस्यों, ए एजेंसियों और बिचौलियों के माध्यम से परीक्षा प्रणाली में कथित साठगांठ का खुलासा किया था. इस नेटवर्क के जरिए कई लोगों के अवैध चयन के आरोप सामने आए हैं. मामले में सीआईडी द्वारा अभय तिवारी की पत्नी और भाई समेत कई अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब अभ्यर्थियों का गुस्सा और भड़क गया है.
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