Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की नियुक्ति परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश थमता नजर नहीं आ रहा है. रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना और विरोध प्रदर्शन बुधवार को 19वें दिन भी जारी रहा. आंदोलन के पहले दिन से ही छात्र स्टेडियम परिसर में डटे हुए हैं और कई अभ्यर्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं. प्रशासन द्वारा गतिरोध समाप्त करने के प्रयासों के बावजूद छात्र अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं.
मुख्यमंत्री से सीधी वार्ता की अपील
छात्र आंदोलन की अगुवाई कर रहे युवा नेता रवींद्र पासवान ने आंदोलन को और तेज करने का संकेत देते हुए सरकार से सीधा संवाद कायम करने की अपील की है. रवींद्र पासवान ने कहा, आज हमारे विरोध प्रदर्शन का 19वां दिन है. यह आंदोलन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक कि राज्य सरकार हमारी सभी जायज मांगों को स्वीकार नहीं कर लेती. पासवान ने राज्य के मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कहा, “हम मुख्यमंत्री से अपील करना चाहते हैं कि वे स्वयं पहल करें. छात्र उनकी अगुवाई में अपनी मुख्य मांगों पर सीधे बातचीत करना चाहते हैं. हमें उम्मीद है कि सरकार युवाओं और परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए हमारी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी.
प्रशासनिक अधिकारियों की अपील खारिज, भूख हड़ताल जारी
आंदोलन स्थल पर स्थिति की समीक्षा करने और धरना समाप्त कराने के लिए जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने धरनास्थल का दौरा किया और भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अनशन समाप्त करने का आग्रह किया. हालांकि, छात्रों ने प्रशासनिक अधिकारियों के इस आग्रह को सिरे से खारिज कर दिया. छात्र नेताओं का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, धांधली की निष्पक्ष जांच और प्रभावित परीक्षाओं पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कोई भी साथी अपना उपवास नहीं तोड़ेगा.
पारदर्शिता और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि राज्य में आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे वर्षों से तैयारी कर रहे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है. छात्रों की मुख्य मांगों में परीक्षा प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पारदर्शी तरीके से नए सिरे से परीक्षाएं आयोजित करने का आश्वासन शामिल है.
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