Click Here

रक्षाबंधन: भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व, जानिए इसका महत्व और इतिहास

News Wave Desk : रक्षाबंधन 2026 भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है. यह पर्व भाई-बहन...

Rakshabandhan The love between brother and sister
Rakshabandhan The love between brother and sister

News Wave Desk : रक्षाबंधन 2026 भारत में मनाए जाने वाले प्रमुख त्योहारों में रक्षाबंधन का विशेष महत्व है. यह पर्व भाई-बहन के बीच प्रेम, विश्वास और स्नेह का प्रतीक माना जाता है. इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती है. वहीं भाई बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है.

प्राचीन परंपरा से जुड़ा है रक्षाबंधन

रक्षाबंधन की शुरुआत कब हुई, इसका कोई एक निश्चित ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता. हालांकि, भारतीय धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में प्राचीन समय से ही रक्षा-सूत्र बांधने की परंपरा रही है. समय के साथ यह परंपरा भाई-बहन के रिश्ते से विशेष रूप से जुड़ गई और रक्षाबंधन के रूप में लोकप्रिय हुई.

श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा

रक्षाबंधन से जुड़ी सबसे लोकप्रिय मान्यताओं में भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी की कथा शामिल है. मान्यता है कि श्रीकृष्ण की उंगली में चोट लगने पर द्रौपदी ने अपनी साड़ी का एक टुकड़ा फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था. द्रौपदी के इस स्नेह को श्रीकृष्ण ने हमेशा याद रखा और संकट के समय उनकी रक्षा की. यह कथा भाई-बहन के बीच प्रेम और सुरक्षा के भाव का प्रतीक मानी जाती है.

सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं पर्व

आज के समय में रक्षाबंधन का अर्थ केवल भाई द्वारा बहन की रक्षा करने से नहीं है. बदलते समय के साथ यह त्योहार आपसी सम्मान, भावनात्मक सहयोग और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहने का संदेश देता है. कई परिवारों में बहनें एक-दूसरे को भी राखी बांधती हैं और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ यह पर्व मनाया जाता है.

श्रावण पूर्णिमा को मनाया जाता है त्योहार

रक्षाबंधन हर साल श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है. इस दिन घरों में पूजा-अर्चना के बाद राखी बांधने और मिठाई खिलाने की परंपरा है. भाई अपनी बहन को उपहार देता है, जबकि बहन उसके सुखी और स्वस्थ जीवन की कामना करती है. रक्षाबंधन का संदेश यही है कि भाई-बहन का रिश्ता केवल खून का रिश्ता नहीं, बल्कि विश्वास, स्नेह, सम्मान और जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने का रिश्ता है.

Also Read : आज लगेगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, चंद्रमा ढकेगा सूर्य का 90% हिस्सा, जानिए भारत में दिखेगा या नहीं

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *