JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने आंदोलन किया स्थगित, सरकार को दिया दो महीने का समय

Ranchi: JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने अपनी मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से जारी आंदोलन को फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित...

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने आंदोलन किया स्थगित

Ranchi:  JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने अपनी मांगों को लेकर पिछले 26 दिनों से जारी आंदोलन को फिलहाल दो महीने के लिए स्थगित करने का ऐलान किया है. मंच ने कहा कि इस अवधि में सरकार को सभी मांगों को पूरा करने का समय दिया जा रहा है. अगर दो महीने में मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, तो इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा.

22 परीक्षाएं रद्द होने का श्रेय छात्रों को

प्रेस वार्ता में छात्रों ने कहा कि 26 दिनों से जारी संघर्ष के बाद सरकार को उनकी मांगों और रिफॉर्म की जरूरत को स्वीकार करना पड़ा. सरकार ने अब तक 22 परीक्षाओं को रद्द किया है. छात्रों ने इसका पूरा श्रेय झारखंड के नौजवानों को दिया. हालांकि, मंच ने कहा कि जिन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप हैं और जो अभी रद्द नहीं हुई हैं, उन्हें भी रद्द किया जाना चाहिए. इसमें PGT, नगरपालिका, उत्पाद सिपाही और माध्यमिक आचार्य परीक्षा शामिल हैं.

सरकार को दो महीने का समय, मांग पूरी नहीं हुई तो फिर होगा बड़ा आंदोलन

छात्रों ने बताया कि मंत्री इरफान अंसारी और विधायक दीपिका पांडेय सिंह की ओर से आंदोलनकारियों से बातचीत की गई थी. इस दौरान सरकार की ओर से दो महीने का समय मांगा गया. इसके बाद JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने भी सरकार को दो महीने का समय देने और आंदोलन को स्थगित रखने का फैसला लिया है. मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि स्थगित किया गया है. दो महीने बाद अगर सरकार के काम से छात्र संतुष्ट नहीं हुए तो आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा और इस बार आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.

JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच

भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों को सम्मानित कर तुड़वाया अनशन

पद्मश्री मधु मंसूरी ने भूख हड़ताल पर बैठे राहुल क्रांति, रूपेश पाल और सविता को माला पहनाकर सम्मानित किया. इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी सनोज चौधरी ने सविता को जूस पिलाकर उनकी भूख हड़ताल समाप्त कराई. छात्रों ने प्रशासन और थाना प्रभारी का आभार जताया. वहीं, छात्रों ने पद्मश्री मधु मंसूरी को भी सम्मानित किया.

रिफॉर्म कमेटी में छात्रों को शामिल करने की मांग

मंच ने कहा कि अमिताभ कौशल के नेतृत्व में बनने वाली रिफॉर्म कमेटी में छात्रों को भी शामिल किया जाना चाहिए. छात्रों का कहना है कि JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच सभी अभ्यर्थियों और छात्रों की आवाज उठाता रहेगा.

PGT, नगरपालिका और उत्पाद सिपाही परीक्षा की जांच की मांग

कुणाल प्रताप ने कहा कि मंच को रजिस्टर कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि PGT परीक्षा का परिणाम तीन साल तक जारी नहीं हुआ और अभय तिवारी द्वारा परीक्षा में धांधली कराए जाने की बात सामने आई है. ऐसे में नगरपालिका परीक्षा को भी जांच के दायरे में लाकर रद्द किया जाना चाहिए. उत्पाद सिपाही परीक्षा में कटऑफ 98 प्रतिशत तक पहुंचने को लेकर भी जांच की मांग की गई. आंदोलनकारियों ने उत्पाद सिपाही परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की.

 

उम्र सीमा और माध्यमिक आचार्य परीक्षा पर भी उठाए सवाल

छात्रों ने JPSC अभ्यर्थियों के लिए उम्र सीमा के कटऑफ को सही करने की मांग की. साथ ही माध्यमिक आचार्य परीक्षा की भी जांच कराने की मांग सरकार के सामने रखी गई.

 

कोर्ट में मजबूती से पक्ष रखने की सरकार से अपील

मंच ने कहा कि जिन अभ्यर्थियों की नौकरी गई है, उनकी नौकरी छात्रों ने नहीं छीनी, बल्कि परीक्षा व्यवस्था में हुई गड़बड़ी के कारण उनका नुकसान हुआ है. सरकार को रद्द की गई परीक्षाओं के मामले में कोर्ट के सामने मजबूती से अपना पक्ष रखना चाहिए. छात्रों ने कहा कि अगर अदालत में रद्दीकरण को लेकर कोई दिक्कत आती है, तो वे दोबारा आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरेंगे.

ALSO READ: छात्र आंदोलन खत्म होने पर झारखंड कांग्रेस ने राहुल गांधी और हेमंत सोरेन को दी बधाई

न्यायिक जांच पारदर्शी करने की मांग

छात्रों ने सरकार से परीक्षा में हुई गड़बड़ियों की न्यायिक जांच को पूरी तरह पारदर्शी रखने की मांग की. मंच ने कहा कि सरकार को परीक्षा माफिया के खिलाफ कार्रवाई और पूरी व्यवस्था में सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे.

मीडिया, प्रशासन और राजनीतिक दलों का जताया आभार

आंदोलनकारियों ने 26 दिनों के आंदोलन में सहयोग करने वाले मीडिया, प्रशासन और आम लोगों का धन्यवाद किया. छात्रों ने सत्ता पक्ष और विपक्ष समेत सभी राजनीतिक दलों का भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग के लिए आभार जताया.छात्रों ने दोहराया कि यह आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है. सरकार को दो महीने का समय दिया गया है. इस दौरान मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन दोबारा शुरू होगा और पहले से बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *