KHUNTI: जिले में साहस और बहादुरी की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए. मुरहू थाना क्षेत्र के डेहकेला गांव में शनिवार की देर रात डकैतों ने एक घर में धावा बोला दिया. लेकिन घर के मालिक और उनके पुत्र की बहादुरी के आगे वे टिक नहीं सके. गोली लगने के बावजूद पिता-पुत्र ने पीछे हटने के बजाय डकैतों का मुकाबला किया और एक अपराधी को धर दबोचा.

बाजार से लौटते ही डकैतों ने घेरा:
घटना शनिवार रात केदार अहिर सरवादा बाजार से गुलगुला-पकौड़ी बेचकर अपने घर लौटे थे. अभी वे संभल भी नहीं पाए थे कि छह-सात बाइक पर सवार होकर आए हथियारबंद डकैतों ने उनके घर पर धावा बोल दिया. डकैतों ने केदार अहिर को निशाना बनाते हुए उन पर पिस्टल तान दी. दहशत फैलाने के इरादे से अपराधियों ने तीन बार ट्रिगर दबाया, लेकिन गनीमत रही कि गोली नहीं चली. डकैतों के हथियार को दगा देते देख केदार अहिर का साहस बढ़ गया. उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी से डंडा मंगाया और अपराधियों पर टूट पड़े.
पुत्र को लगी गोली, फिर भी नहीं छोड़ा डकैत को:
पिता को डकैतों से भिड़ते देख उनका पुत्र रुसू अहिर भी डकैतों से भिड़ गया. हाथापाई के दौरान रुसू ने एक डकैत को मजबूती से पकड़ लिया. अपने साथी को फंसता देख दूसरे डकैत ने रुसू पर गोली चला दी, जो उसके जांघ के पास लगी. लहूलुहान होने के बावजूद रुसू और उसके पिता ने डकैत को नहीं छोड़ा.
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गोली चलने की आवाज सुनकर पूरा गांव एकजुट हो गया. ग्रामीणों को अपनी ओर आता देख डकैत घबरा गए और भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने मौके पर ही एक डकैत खुदीराम ओड़ेया को दबोच लिया.
पुलिस की सक्रियता से टला सेंदरा:
गुस्साए ग्रामीणों ने पकड़े गए डकैत की जमकर पिटाई कर दी. स्थिति इतनी तनावपूर्ण थी कि ग्रामीण डकैत का सेंदरा करने के फिराक में थे। हालांकि, सूचना मिलते ही खूंटी एसडीपीओ वरुण कुमार रजक और मुरहू थाना प्रभारी नायाल गोडविन केरकेट्टा दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और डकैत को अपनी कस्टडी में ले लिया.
