रांची-रामगढ़ के मामलों को किया टेकओवर, अवैध निकासी के 5 केस अब सीआईडी के पास
Ranchi : सरकारी राशि की अवैध निकासी से जुड़े बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दो और केस दर्ज (टेकओवर) कर लिए हैं. ये नए मामले रांची और रामगढ़ से जुड़े हैं, जहां पशुपालन विभाग में वेतन मद में हेरफेर कर सरकारी राशि की निकासी की गई थी. इन दो नए मामलों के जुड़ने के बाद अब इस पूरे घोटाले में सीआईडी के पास दर्ज मामलों की कुल संख्या बढ़कर पांच हो गई है. इससे पहले बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा में एसपी कार्यालयों से जुड़े अवैध निकासी के मामलों की जांच सीआईडी कर रही थी, जहां सिपाहियों और कर्मियों के नाम पर फर्जी भुगतान का खेल सामने आया था.
गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लेगी CID
रांची के कांके स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ एनिमल हेल्थ एंड प्रोडक्शन में वेतन मद से करीब 2.94 करोड़ रुपये की बड़ी हेराफेरी का मामला सामने आया है. आरोप है कि वेतन विपत्रों में छेड़छाड़ कर कुबेर पोर्टल के जरिए राशि को निजी खातों में ट्रांसफर किया गया. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि दूसरा अभी फरार है. अब इस केस को अपने हाथ में लेने के बाद सीआईडी की एसआईटी गिरफ्तार आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी. माना जा रहा है कि इस पूछताछ से पूरे नेटवर्क, अन्य शामिल लोगों और संभवत: दूसरे जिलों से जुड़े कनेक्शन का खुलासा हो सकता है.

रामगढ़ में हुए 43.25 लाख की निकासी की जांच बढ़ेगी आगे
उधर रामगढ़ जिले में पशुपालन विभाग के कार्यालय में करीब 34.25 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है. विभागीय ऑडिट में गड़बड़ी की पुष्टि हो चुकी है और यह साफ हुआ है कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से वेतन और अन्य मदों में फर्जी भुगतान किया गया. स्थानीय स्तर पर प्राथमिकी दर्ज होने के बाद अब सीआईडी ने इस केस को टेकओवर कर जांच का दायरा बढ़ा दिया है. उम्मीद की जा रही है कि वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल और दस्तावेजों की जांच के जरिए इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सकेगा.
