NewsWave Desk : जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने एक बार फिर टारगेट किलिंग की वारदात को अंजाम दिया है. केलम इलाके में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों को कथित तौर पर पहचान और नाम पूछने के बाद गोली मार दी गई. दोनों मजदूरों की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई. घटना की जिम्मेदारी आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है. हमले के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है.
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घाटी में पहले भी बाहरी नागरिक रहे आतंकियों के निशाने पर
कश्मीर में आम नागरिकों और बाहरी राज्यों से आए कर्मचारियों व मजदूरों को निशाना बनाने की घटनाएं पिछले कई वर्षों से सामने आती रही हैं. वर्ष 2022 में ऐसी घटनाओं में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. उस दौरान बैंक मैनेजर विजय कुमार, शिक्षिका रजनी बाला और कश्मीरी पंडित कर्मचारी राहुल भट समेत कई लोगों की आतंकियों ने हत्या कर दी थी. इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों के प्रवासी मजदूर भी लगातार हमलों का शिकार बने थे. इन घटनाओं के बाद बड़ी संख्या में मजदूरों ने घाटी छोड़ दी थी.
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2024 और 2023 में भी हुए बड़े आतंकी हमले
बीते वर्षों में भी कई बड़े आतंकी हमलों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं. अक्टूबर 2024 में गांदरबल जिले के गगनगीर स्थित जेड-मोड़ सुरंग परियोजना के शिविर पर हुए आतंकी हमले में एक डॉक्टर सहित सात लोगों की जान चली गई थी. वहीं जनवरी 2023 में राजोरी के डांगरी गांव में आतंकियों ने हिंदू परिवारों को निशाना बनाया था. गोलीबारी और बाद में हुए आईईडी विस्फोट में कुल सात लोगों की मौत हुई थी. इन घटनाओं के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए थे.

2021 से लगातार सामने आ रही हैं टारगेट किलिंग की घटनाएं
साल 2021 में घाटी में टारगेट किलिंग की कई घटनाओं ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा था. श्रीनगर के सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य सुपिंदर कौर और शिक्षक दीपक चंद की हत्या की गई थी. इसी दौरान प्रसिद्ध फार्मासिस्ट माखन लाल बिंदरू और बिहार के गोलगप्पा विक्रेता वीरेंद्र पासवान को भी आतंकियों ने निशाना बनाया था. अक्टूबर 2021 में कुलगाम और पुलवामा में बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रवासी मजदूरों पर हुए हमलों के बाद सैकड़ों मजदूर डर के कारण अपने राज्यों को लौट गए थे.
ताजा हमले के बाद फिर बढ़ी चिंता
कुलगाम में हुई ताजा घटना ने एक बार फिर घाटी में काम कर रहे प्रवासी मजदूरों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है. सुरक्षा बलों की संयुक्त टीमें पूरे इलाके में आतंकियों की तलाश में अभियान चला रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं. लगातार हो रही टारगेट किलिंग की घटनाओं ने यह संकेत दिया है कि आतंकवादी संगठन अब भी आम नागरिकों को निशाना बनाकर दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे हैं.
