SAURAV SINGH
Ranchi: झारखंड के दो नागरिकों के तार अंतर्राष्ट्रीय अपराध और आतंकवाद के नेटवर्क से जुड़ने के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियां और वैश्विक जांच एजेंसियां (इंटरपोल) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं. एक तरफ जहां जमशेदपुर के रहने वाले कुख्यात आतंकी सैयद अर्शियान उर्फ हैदर के खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है. वहीं दूसरी तरफ रांची की महिला प्रेरणा कुमार का नाम अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी में सामने आने के बाद डिफ्यूजन नोटिस के तहत जांच तेज कर दी गई है.
आतंकवाद का इंजीनियर’ सैयद अर्शियान उर्फ हैदर, तुर्किए में मिला लोकेशन
जमशेदपुर के मानगो (आजाद बस्ती, रोड नंबर-14) का निवासी सैयद अर्शियान उर्फ हैदर (उम्र लगभग 40 वर्ष) लंबे समय से देश से फरार है. CBI के विशेष अनुरोध पर इंटरपोल ने उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया है.
मिसाइल, ड्रोन तकनीक और आतंकी संगठन से जुड़ाव
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, अर्शियान को ‘आतंकवाद का इंजीनियर’ कहा जाता है. उस पर प्रतिबंधित आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के लिए आत्मघाती ड्रोन और छोटी दूरी की मिसाइलों को डिजाइन करने का गंभीर आरोप है. उसने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की. साल 2008 में वह सऊदी अरब के दम्मम चला गया, जहां उसने सॉफ्टवेयर डेवलपर के रूप में काम किया. वहीं उसकी मुलाकात चेचन मूल की बेल्जियम नागरिक अलीना हैदर से हुई, जिससे बाद में उसने शादी कर ली. साल 2017 से वह तुर्किए में रह रहा है. हालिया जांच में उसका लोकेशन तुर्किए में ट्रेस किया गया है, जहां से उसके प्रत्यर्पण और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं. अर्शियान के भाई सैयद मोहम्मद जीशान अली हैदर को 10 अगस्त 2017 को सऊदी अरब से प्रत्यर्पित कर दिल्ली में गिरफ्तार किया जा चुका है.
मॉस्को इंटरपोल के रडार पर रांची की प्रेरणा कुमार: अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क में नाम
राजधानी रांची की मूल निवासी प्रेरणा कुमार (पिता: प्रभास कुमार) का नाम मॉस्को (रूस) में दर्ज एक अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के मामले से जुड़ने के बाद हड़कंप मच गया है. झारखंड के आपराधिक इतिहास में यह संभवतः पहला मामला है, जब राज्य की किसी महिला का नाम इतने बड़े स्तर के अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क में सामने आया है.
नेपाल NCB का पत्र और पासपोर्ट वेरिफिकेशन
नेपाल नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने ई-मेल के जरिए भारत (NCB नई दिल्ली) और मॉस्को एनसीबी को सूचित किया कि प्रेरणा कुमार काठमांडू के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भारत के लिए रवाना हुई थी. नेपाली एजेंसियों ने डिफ्यूजन नोटिस के साथ महिला के पासपोर्ट की प्रति और बोर्डिंग पास भी भारतीय एजेंसियों के साथ साझा किए हैं. NCB नई दिल्ली से निर्देश मिलने के बाद झारखंड पुलिस की CID मुख्यालय टीम अब प्रेरणा कुमार के रांची स्थित पते और पृष्ठभूमि का सत्यापन कर रही है.
क्या होता है डिफ्यूजन नोटिस ?
डिफ्यूजन नोटिस इंटरपोल के सदस्य देशों के बीच किसी संदिग्ध व्यक्ति या अपराध से संबंधित जांच जानकारी जल्दी साझा करने के लिए जारी किया जाता है. यह रेड कॉर्नर नोटिस की तुलना में कम औपचारिक होता है और इसका उद्देश्य व्यक्ति को तुरंत दोषी साबित करना नहीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाना होता है.

झारखंड एजेंसियों के सामने चुनौती
राज्य के दो अलग-अलग शहरों (जमशेदपुर और रांची) से अंतर्राष्ट्रीय अपराध और आतंकवाद के तार जुड़ने के बाद झारखंड सीआईडी और स्थानीय पुलिस अब अलर्ट पर है. विदेशी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर दोनों संदिग्धों पर शिकंजा कसने की प्रक्रिया जारी है.
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