Koderma : जिला में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है. बीते एक साल में हाथियों के हमले में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. बावजूद इसके वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से ग्रामीणों में आक्रोश है. ताजा घटनाएं नवलशाही थाना क्षेत्र के पोलवाबर, देवीपुर और मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव में सामने आई है. पोलवाबर में बीती रात हाथियों के झुंड ने श्रीलाल टुडू के कच्चे मकान को तोड़ दिया. हाथियों ने घर में रखा 4 क्विंटल चावल और 4 क्विंटल महुआ भी खा लिया. घटना के समय घर में मौजूद गृहस्वामी किसी तरह जान बचाकर भाग निकले. वहीं देवीपुर में हाथियों ने एक व्यक्ति की बाउंड्री वॉल गिरा दी और खेत में लगी फसल को रौंदकर नष्ट कर दिया. फसल बर्बाद होने से किसान को भारी नुकसान हुआ है.
पपलो गांव में मकान ध्वस्त
इधर मरकच्चो थाना क्षेत्र के पपलो गांव की ओर भी हाथियों का झुंड पहुंच गया. यहां हाथियों ने एक व्यक्ति का मकान ध्वस्त कर दिया और धान की मोरही को तहस-नहस कर दिया. गांव में हाथियों के प्रवेश की सूचना मिलते ही लोगों में दहशत फैल गई. महिलाएं और बच्चे घरों में दुबके रहे. ग्रामीणों का कहना है कि हाथी आए दिन गांवों में घुसकर घर और फसल बर्बाद कर रहे है. जान-माल का खतरा बढ़ गया है. कई बार सूचना देने के बावजूद वन विभाग की टीम समय पर नहीं पहुंचती. लोगों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि हाथियों को जल्द से जल्द जंगली क्षेत्र की ओर भगाया जाए और प्रभावित परिवारों को मुआवजा दिया जाए.
