Koderma : जिले के सतगावां थाना क्षेत्र के पहाड़सिंह खैरा गांव में एक परिवार द्वारा ईसाई धर्म अपनाने का दावा किए जाने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला है. मामले को लेकर गुरुवार सुबह ग्रामीणों की बैठक हुई, जिसमें संबंधित परिवार को सामाजिक गतिविधियों से अलग रखने का निर्णय लिया गया. ग्रामीण दिलीप यादव सहित अन्य लोगों ने बताया कि गांव के देवी मंडप में होने वाली वार्षिक पूजा के लिए चंदा लेने जब ग्रामीण पप्पू राजवंशी (पिता- सीताराम राजवंशी) के घर पहुंचे, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया है, इसलिए वे पूजा के लिए चंदा नहीं देंगे.
नहीं दी गई लिखित सूचना थाना को, पुलिस की ओर से नहीं हुई कार्रवाई
इसके बाद गांव में बैठक बुलाई गई और ग्रामीणों ने संबंधित परिवार को समाज से अलग करने का निर्णय लिया. ग्रामीणों ने बताया कि मामले की लिखित सूचना सतगावां थाना को नहीं दी गई है. इसलिए पुलिस की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं की गई है. ग्रामीणों का यह भी दावा है कि सतगावां प्रखंड के कोठियार, रजघटी, खवासडीह, गांगडीह, बलीमहरी और राजाबर समेत अन्य गांवों में भी ऐसे मामले सामने आए हैं.

शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी
उनका कहना है कि कुछ स्थानों पर बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार को प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जाता है, जहां लोगों को ईसाई धर्म से जुड़ी धार्मिक शिक्षाएं दी जाती हैं. इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व बासोडीह पंचायत के बलीमहरी गांव में भी प्रार्थना सभा की सूचना पर पुलिस पहुंची थी. उस दौरान पुलिस ने पूछताछ के लिए कई लोगों को हिरासत में लिया था. पूछताछ के बाद संबंधित लोगों ने धर्म परिवर्तन से इनकार किया था, जिसके बाद उन्हें छोड़ दिया गया था. इस संबंध में सतगावां थाना पुलिस का कहना है कि अब तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है. शिकायत मिलने पर तथ्यों की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी.
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