RANCHI: सेना जमीन घोटाला के आरोपी दिलीप घोष हाईकोर्ट से झटका लगा है. हाईकोट के न्यायाधीश सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में याचिका खारिज करती है दिलीप घोष ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निरस्त करने की मांग को लेकर क्रिमिनल मिसलेनियस पिटीशन दाखिल की थी.हालांकि अदालत ने पहले इसे याचिका को सुनने योग्य करार नहीं दिया और मेंटेबिलिटी पर फैसला सुनाते हुए याचिका खारिज कर दी.
दरअसल, दिलीप घोष पर फर्जी कागजात के जरिए सेना की 4.55 एकड़ जमीन लेने और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) का आरोप है. राजधानी रांची के बरियातू स्थित इस जमीन को जगत बंधु टी स्टेट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक दिलीप घोष और कारोबारी अमित अग्रवाल ने खरीदा था. इस जमीन की सरकारी कीमत 20 करोड़ से भी ज्यादा थे, लेकिन इस महज 7 करोड़ में खरीदा गया इस जमीन को फर्जी मालिक बनकर प्रदीप बागची के नाम के शख्स को बेचा गया था. लेकिन जांच में पाया गया कि फर्जी मलिक प्रदीप बागची के खाते में महज 25 लाख रुपए पहुंचे थे. रजिस्ट्री पेपर शेष राशि का जिक्र किया गया था, लेकिन वो महज फर्जीवाड़ा निकला.
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