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मुहर्रम को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाने की तैयारियां पूरी, विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय
Lohardaga: जिले में मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे, सौहार्द एवं शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर रविवार को अंजुमन इस्लामिया कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता अंजुमन इस्लामिया के सेक्रेटरी सैयद शाहिद अहमद बेलू ने की. मौके पर मुहर्रम के दौरान आयोजित होने वाले विभिन्न धार्मिक एवं पारंपरिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक निर्णय लिए गए. बैठक में अंजुमन इस्लामिया के नायब सदर सैयद आरिफ हुसैन बबलू, ज्वाइंट सेक्रेटरी अल्ताफ कुरैशी सहित मुहर्रम कमेटी के कन्वेनर उपस्थित थे. इसमें हाजी सउद आलम, नेहाल कुरैशी, वासीफ कय्यूम, यासीन कुरैशी, रब्बील खान, एजाज कुरैशी, फारूक कुरैशी, हाजी अली रहमान कुरैशी, लुकमान अंसारी, एकरामुल अंसारी, सैयद वसीम, शकील अहमद, इरशाद अहमद, हैदर अली, अब्दुल मोहेमीन बबन, तुफैल अंसारी, अरशद रूहानी, ननका अंसारी, मोजम्मील अंसारी, सैयद माजिद अहमद माजू, एनामुल अंसारी एवं शेराज अंसारी सहित अन्य लोग शामिल हुए.
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बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 21 जून को नमाज-ए-ईशा के बाद पांचवीं का जुलूस शहर के विभिन्न मुहल्लों से निकलकर पावरगंज स्थित साहू पेट्रोल पंप के समीप पहुंचेगा, जहां पारंपरिक खेल (अस्त्र-शस्त्र संचालन) का प्रदर्शन किया जाएगा. इसके बाद उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली टीमों को पुरस्कृत किया जाएगा. 23 जून को सातवीं के अवसर पर समाहरणालय के समीप स्थित कर्बला परिसर में फातिहाख्वानी एवं मेले का आयोजन किया जाएगा. कर्बला कमेटी के कन्वेनर इब्राहिम अशरफी के नेतृत्व में सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं. 24 जून को आठवीं के दिन छोटी ताजिया को तेतरतर इमामबाड़ा में जुलूस की शक्ल में रखा जाएगा. इसी अवसर पर अंजुमन इस्लामिया के तत्वावधान में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों की सभी मुहर्रम कमेटियों के लाइसेंसी हजरात के साथ सदर एवं सेक्रेटरी का पारंपरिक पगड़ीपोशी समारोह आयोजित किया जाएगा. 25 जून को नवमी के दिन बड़ी ताजिया जुलूस की शक्ल में रखी जाएगी. इसके बाद बड़ा तालाब के समीप पारंपरिक खेल (अस्त्र-शस्त्र संचालन) प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें विभिन्न अखाड़ों की टीमें हिस्सा लेंगी. प्रतियोगिता के समापन पर विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे. वहीं एक विशेष टीम ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारियों की पगड़ीपोशी भी करेगी.
समाज और प्रशासन से सहयोग की अपील
26 जून को दसवीं मुहर्रम का मुख्य जुलूस दोपहर 2 बजे परंपरागत मार्ग से निकाला जाएगा. अंजुमन इस्लामिया की निगरानी एवं सभी कन्वेनरों के नेतृत्व में निकलने वाला यह जुलूस बड़ा तालाब से प्रारंभ होकर शहर के निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए सोमवार बाजार पहुंचेगा. यहां पारंपरिक खेलों के प्रदर्शन एवं पुरस्कार वितरण के बाद जुलूस का समापन होगा. बैठक को संबोधित करते हुए अंजुमन इस्लामिया के सेक्रेटरी सैयद शाहिद अहमद बेलू ने कहा कि मुहर्रम केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि त्याग, बलिदान, अनुशासन और इंसानियत का संदेश देने वाला अवसर है. उन्होंने जिलेवासियों से आपसी भाईचारा बनाए रखने तथा मुहर्रम के सभी कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में सहयोग करने की अपील की. उन्होंने कहा कि लोहरदगा की पहचान हमेशा गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द की रही है, जिसे कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है. सैयद शाहिद अहमद बेलू ने पुलिस प्रशासन, जिला प्रशासन, नगर परिषद, विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं सभी समुदायों के लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन और आम नागरिकों के सहयोग से ही मुहर्रम के सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होंगे. उन्होंने सभी अखाड़ों और मुहर्रम कमेटियों से प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने तथा अनुशासन बनाए रखने का आग्रह किया.


