Lohardaga : जिले से बाल विवाह के खिलाफ प्रशासन की एक बड़ी और सख्त कार्रवाई सामने आई है. जिले के किस्को थाना क्षेत्र के कोचा गांव में हो रहे एक बाल विवाह की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक टीम ने ऐन वक्त पर पहुंचकर कार्रवाई की. शादी की रस्में पूरी होने के तुरंत बाद पुलिस ने दूल्हे को हिरासत में ले लिया, जबकि नाबालिग दुल्हन को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है.

डायल 112 की सूचना पर हरकत में आया प्रशासन
जानकारी के अनुसार, रांची जिले के मांडर थाना क्षेत्र के ब्राम्बे निवासी लच्छू उरांव बारात लेकर लोहरदगा के कोचा गांव पहुंचा था. दोनों पक्षों की मौजूदगी में आदिवासी रीति-रिवाज के साथ शादी की तमाम रस्में संपन्न हो चुकी थीं और विदाई की तैयारी चल रही थी. इसी बीच किसी जागरूक नागरिक ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर डायल 112 पर कॉल करके प्रशासन को इस बाल विवाह की गुप्त सूचना दे दी.
सूचना मिलते ही किस्को अंचल अधिकारी अजय कुमार और थाना प्रभारी मानस कुमार साधु पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और शादी समारोह को बीच में ही रोक दिया.
जांच में नाबालिग निकली लड़की, दूल्हा हिरासत में
प्रशासनिक अधिकारियों ने जब मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की और लड़की के उम्र से संबंधित दस्तावेजों की जांच की, तो उसके नाबालिग होने की पुष्टि हुई. इसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दूल्हे (लच्छू उरांव) को मौके से ही हिरासत में ले लिया. नाबालिग दुल्हन को उसके परिजनों से मुक्त कराकर सुरक्षा और काउंसलिंग के लिए ‘सखी वन स्टॉप सेंटर’ भेज दिया गया.
माता-पिता, पाहन समेत कई लोगों पर FIR दर्ज
प्रशासन इस मामले में बेहद सख्त रुख अपना रहा है. पुलिस ने बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. इस कानूनी कार्रवाई के दायरे में न सिर्फ दूल्हा आया है, बल्कि लड़की के माता-पिता और परिजन, लड़के के माता-पिता और परिजन और
3 आदिवासी रीति-रिवाज से शादी संपन्न कराने वाले पहान पुरोहित के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है.
ALSO READ: बकरीद को लेकर बोकारो प्रशासन अलर्ट, CCTV से पूरे जिले की निगरानी
