Jamshedpur: गोलमुरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक टीम एक घर में छापेमारी करने पहुंच गई, हालांकि, कुछ ही देर की जांच-पड़ताल के बाद केंद्रीय एजेंसी को अपनी बड़ी चूक का अहसास हुआ और वे गलत पते पर आने की बात स्वीकार करते हुए बैरंग लौट गए.

साइबर ठगी के मामले में पहुंची थी टीम:
जानकारी के अनुसार, सीबीआई की टीम देश भर में पैर पसार चुके साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े मामले की जांच के सिलसिले में जमशेदपुर पहुंची थी. जांच के क्रम में टीम को गोलमुरी थाना क्षेत्र के एक घर में ‘राजदीप’ नामक युवक की तलाश थी. पुख्ता इनपुट के आधार पर अधिकारियों ने तय पते पर पहुंचकर और घर के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी.

दस्तावेजों ने खोली पोल, अधिकारियों ने मानी गलती:
अचानक घर पर सीबीआई की रेड से परिजन हैरान-परेशान हो गए.जब अधिकारियों ने युवक के बारे में पूछा, तो परिजनों ने स्पष्ट किया कि इस नाम का कोई भी व्यक्ति उनके घर या परिवार में नहीं रहता है. अपनी बात को सही साबित करने के लिए परिजनों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और घर के पूरे रिकॉर्ड, जमीन के कागजात और परिवार के सभी सदस्यों के आवश्यक कानूनी दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी) सीबीआई टीम के सामने रख दिए. दस्तावेजों की बारीकी से जांच करने के बाद सीबीआई के अधिकारियों को यह समझते देर नहीं लगी कि वे गलत जगह आ गए हैं. अधिकारियों ने स्वीकार किया कि जांच के दौरान पते को चिन्हित करने में उनसे मानवीय त्रुटि हुई है.
माफी मांग कर वापस लौटी CBI:
अपनी गलती का अहसास होते ही केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने बड़प्पन दिखाते हुए घर के सदस्यों से इस असुविधा के लिए माफी मांगी. इसके बाद टीम बिना कोई कार्रवाई किए वहां से शांतिपूर्वक रवाना हो गई.
मोहल्ले में सीबीआई की गाड़ी और अधिकारियों की मौजूदगी देखकर देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी. टीम के जाने के बाद भी काफी देर तक इलाके में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही, हालांकि, इस पूरी चूक और साइबर ठगी के इस मामले को लेकर CBI की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है.
