Hazaribagh: जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां रेलवे की आधुनिक सुरक्षा और सिग्नल प्रणाली की सतर्कता के कारण एक बहुत बड़ा रेल हादसा होने से बच गया. जिले के चलकुशा प्रखंड अंतर्गत ‘दशहरा ब्लॉक हॉल्ट’ के समीप बुधवार को दो हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें एक ही ट्रैक (डाउन लाइन) पर बेहद करीब आ गईं. हालांकि, स्वचालित सिग्नल प्रणाली के समय पर सक्रिय होने से पीछे चल रही ट्रेन स्वतः नियंत्रित हो गई, जिससे एक भीषण दुर्घटना टल गई.
जाने कैसे और कहां हुई यह घटना?
जानकारी के अनुसार, यह घटना डाउन लाइन पर उस समय हुई जब दो प्रतिष्ठित ट्रेनें एक-दूसरे के पीछे चल रही थीं. गया-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 20894) पीछे चल रही ट्रेन पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या: 22306). बताया जा रही है कि किसी तकनीकी कारण या परिचालन संबंधी विसंगति की वजह से पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस, आगे चल रही गया-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस के बेहद करीब पहुंच गई थी. एक ही ट्रैक पर दो प्रीमियम ट्रेनों की मौजूदगी से कुछ समय के लिए अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए. लेकिन नई और आधुनिक सिग्नल प्रणाली के कारण एक बड़ा हादसा टाला जा सका. जैसे ही पीछे चल रही पटना-रांची वंदे भारत एक्सप्रेस आगे वाली ट्रेन के असुरक्षित दायरे में पहुंची, नई सिग्नल प्रणाली ने तुरंत काम करना शुरू कर दिया. प्रणाली के सक्रिय होते ही लोको पायलट के केबिन में सतर्क संकेत गूंज उठा. संकेत मिलते ही लोको पायलट ने बिना समय गंवाए आपातकालीन ब्रेक लगाए और ट्रेन को सुरक्षित दूरी पर ही रोक दिया.

यात्री सुरक्षित, रेल परिचालन सामान्य
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने राहत की सांस लेते हुए स्पष्ट किया, है कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है. ट्रेन के अचानक रुकने से यात्रियों में थोड़ी देर के लिए कौतूहल और घबराहट जरूर देखी गई, लेकिन स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. इस घटना के बाद कुछ समय के लिए रेल महकमे और कंट्रोल रूम में अफरा-तफरी का माहौल रहा, लेकिन सुरक्षा जांच के बाद सभी ट्रेनों का परिचालन सामान्य रूप से जारी रखा गया. रेलवे प्रशासन अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि दोनों ट्रेनें एक ही ब्लॉक सेक्शन में इतने करीब कैसे आ गईं.


