Ranchi: झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड अपने वित्तीय प्रबंधन को और मजबूत और मुनाफेदार बनाने जा रहा है. निगम अपने पास उपलब्ध लगभग 100 करोड़ रुपये की बड़ी राशि को ऑटो स्वीप फिक्स डिपॉजिट में निवेश करने की तैयारी में है. इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी राशि की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उस पर अधिकतम ब्याज (मुनाफा) कमाना है.
इस महत्वाकांक्षी वित्तीय योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए निगम की प्रबंध निदेशक रंजीता टोप्पो के निर्देश पर एक एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया गया है. इसके जरिए देश के सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सभी प्रमुख अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों से ब्याज दरों के प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं.
क्या है योजना का मुख्य उद्देश्य?
जेएसएफसी की इस पहल का सीधा उद्देश्य यह है कि निगम के खाते में मौजूद 100 करोड़ की इस अधिशेष राशि का उपयोग इस तरह से किया जाए, जिससे 1 से 2 वर्ष की अवधि में अधिकतम रिटर्न (ब्याज) प्राप्त हो सके. इससे मिलने वाले अतिरिक्त मुनाफे का उपयोग राज्य के विकास और विभागीय कल्याण कार्यों में किया जा सकेगा.
बैंकों के लिए तय की गई हैं शर्तें
• नेटवर्थ: बैंक की न्यूनतम नेटवर्थ 50,000 करोड़ होनी चाहिए.
• पूंजी: जोखिम-भारित आस्तियों की तुलना में पूंजी का अनुपात कम से कम 9% होना अनिवार्य है.
• अनुभव: भारत में बैंकिंग व्यवसाय शुरू हुए कम से कम 5 वर्ष हो चुके हों.
• क्रेडिट रेटिंग: सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट के लिए केयर ए प्लस वन या क्रिसिल ए प्लस वन रेटिंग होना आवश्यक है.
• टर्म डिपॉजिट: बैंक के पास न्यूनतम 25,000 करोड़ का टर्म डिपॉजिट होना चाहिए.


