Ranchi: झारखंड विधानसभा में चल रहे मॉनसून सत्र के तीसरे दिन विपक्ष पूरी तरह से सदन से नदारत रहा. इस पर स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने प्रश्नकाल के दौरान कहा कि सवाल कर सदन में नहीं आना संसदीय व्यवस्था में अच्छी प्रणाली नहीं है. इस बीच अरूप चटर्जी ने कहा कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें सरकार ने मान ली है. जेएसएससी सीजीएल मामले में कोर्ट का सहारा लेकर रास्ता निकालें. कुछ उपद्रवी लोग आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे लोगों को चिन्हित करें. साथ ही सदन को पूरे प्रकरण की जानकारी दें. इस पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि यह पूरा मामला 14 वीं जेपीएससी से संबंधित था. पीटी में जब गड़बड़ी के संकेत मिले, तब सरकार ने तुरंत सीआइडी जांच का आदेश दिया. जेपीएससी अध्यक्ष से इस्तीफा लिया गया. 19 लोग गिरफ्तार किए गए. डिडिटल उपकरण भी जब्त किए गए. इसकी सूचना मिलते ही छात्र आंदोलनरत हो गए.
सीएम के निर्देश पर पांच अगस्त को उच्चस्तरीय कमेटी का गठन हुआ
मंत्री सुदिव्य ने कहा कि सीएम के निर्देश पर पांच अगस्त को मंत्रियों की उच्च स्तरीय कमेटी का गठन हुआ. कमेटी ने लगातार छात्र प्रतिनिधियों से बात की. इसमें पहली बात जांच, दूसरी परीक्षा रद्द और तीसरी रिफॉर्म की थी. लेकिन भाजपा ने अपने राजनीतिक इरादों से पूरी प्रक्रिया को भटकाने की कोशिश की. सरकार सीआइड़ी जांच करा रही है. वित्तीय लेनदेन के मामलों में ईडी से भी जांच कराने की सहमति दी. 14 वीं जेपीएससी सहित बैकलॉग परीक्षा रद्द करने की भी सरकार ने सहमति दी. टीडीपीएल के जरिए जितनी भी परीक्षाएं ली गई हैं, उसके जांच भी सहमति दी गई.
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जेएसएससी को रद्द नहीं किया जा सकता
मंत्री ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल को रद्द नहीं किया जा सकता है. मामला न्यायालय में है. राज्य सरकार इसे रद्द करने की स्थिति में नहीं है. सेवानिवृत जज की अध्यक्षता में कमेटी बनाने की बात कही गई है. लेकिन भाजपा ने छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने की कोशिश की. सरकार ने आइआइटी आइएसएम, आइआइएम और एक्सएलआरआइ से राय लेकर एसओपी बनाने पर भी सहमति जताई है. आज के इस, आंदोलन में छात्रों को कम भाजपा को ज्यादा फायदा होगा. छात्र वार्ता के लिए टेबल पर आएं सरकार समाधान के लिए तैयार है.
