Seraikela : झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण रांची के निर्देश पर शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर, सरायकेला और अनुमंडलीय न्यायालय, चांडिल में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया. यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-प्रभारी अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ब्रज किशोर पांडेय के मार्गदर्शन और सचिव तौसीफ मेराज के पर्यवेक्षण में संपन्न हुआ.
10 पीठों का गठन, सुलभ न्याय पर जोर
मासिक लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य वादकारियों को सुलभ, त्वरित एवं कम खर्चीली न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराना तथा आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण करना है. इसके लिए कुल 10 पीठों बेंचों का गठन किया गया. सभी पीठों की अध्यक्षता न्यायिक पदाधिकारियों ने की, जबकि प्रत्येक पीठ में दो-दो पैनल अधिवक्ताओं को सदस्य के रूप में नामित किया गया. न्यायालय कर्मियों ने भी कार्यवाही के सफल संचालन में महत्वपूर्ण सहयोग दिया. पीठों का गठन विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के तहत प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की स्वीकृति से किया गया.

54 मामलों का निष्पादन, ₹2.44 लाख राजस्व प्राप्त
समाचार लिखे जाने तक प्राप्त अंतरिम आंकड़ों के अनुसार मासिक लोक अदालत में कुल 54 मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन किया गया. इससे ₹2,44,250 का राजस्व प्राप्त हुआ. गौरतलब है कि समाचार लिखे जाने तक कुछ पीठों में कार्यवाही जारी थी. ऐसे में अंतिम आंकड़ों में मामलों के निष्पादन और राजस्व प्राप्ति की संख्या बढ़ने की संभावना है.
हर माह अंतिम शनिवार को होता है आयोजन
झालसा, रांची के निर्देशानुसार प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को नियमित रूप से मासिक लोक अदालत का आयोजन किया जाता है. इससे वादकारियों को अपने विवादों के त्वरित, सौहार्दपूर्ण और प्रभावी समाधान का अवसर मिलता है. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सरायकेला-खरसावां का यह सफल आयोजन आमजन को सुलभ, त्वरित एवं प्रभावी न्याय उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. लोक अदालत न केवल न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम कर रही है, बल्कि आपसी सौहार्द और समझौते की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है.
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