Ranchi : देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट यूजी-2026’ की पुनर्परीक्षा (री-एग्जाम) में एक बार फिर सॉल्वर गैंग की बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है. बिहार के लखीसराय जिले से संचालित हो रहे इस हाईटेक सॉल्वर गैंग के तार अब पड़ोसी राज्य झारखंड के गिरिडीह जिले से भी जुड़ गए हैं. 21 जून को लखीसराय में हुई परीक्षा के दौरान गिरफ्तार किए गए 24 आरोपियों में झारखंड के गिरिडीह जिले की रहने वाली पूनम कुमारी का नाम भी शामिल है. पूनम पर आरोप है कि वह मोटी रकम के बदले किसी अन्य अभ्यर्थी के स्थान पर ‘डमी कैंडिडेट’ (सॉल्वर) बनकर परीक्षा दे रही थी.
बीएचयू की छात्रा है आरोपी पूनम कुमारी
जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पूनम कुमारी गिरिडीह जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत बरहमसिया गांव की रहने वाली है. वह वर्तमान में प्रतिष्ठित बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग की छात्रा है. पुलिस प्रशासन और जांच एजेंसियों के मुताबिक, पूनम को परीक्षा केंद्र से दूसरे परीक्षार्थी की जगह पेपर हल करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया. इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब पूरे सॉल्वर नेटवर्क और इसके मास्टरमाइंड की तलाश में जुट गई है.

डॉक्टर बनने का था सपना, परिजनों को नहीं हो रहा विश्वास
पूनम के इस सॉल्वर गैंग में शामिल होने की खबर ने उसके परिवार को झकझोर कर रख दिया है. उसने वर्ष 2022 में इंटरमीडिएट की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की थी. डॉक्टर बनने की चाहत में उसने कई बार नीट की परीक्षा दी, लेकिन अपेक्षित रैंक नहीं मिला. आखिरकार थक-हारकर उसने वर्ष 2025 में BHU में बीएससी नर्सिंग में दाखिला ले लिया.
लखीसराय के 3 केंद्रों पर छापेमारी, 24 गिरफ्तार
गौरतलब है कि 21 जून 2026 को लखीसराय जिले के चार केंद्रों पर नीट (UG) की पुनर्परीक्षा आयोजित की गई थी. परीक्षा शुरू होते ही स्थानीय प्रशासन और खुफिया तंत्र को इनपुट मिला कि कुछ केंद्रों पर वास्तविक अभ्यर्थियों की जगह ‘स्कॉलर’ या डमी परीक्षार्थियों को बैठाकर परीक्षा दिलाई जा रही है. सूचना मिलते ही अनुमंडल पदाधिकारी और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन कर ताबड़तोड़ जांच अभियान चलाया गया. इस दौरान जिले के तीन प्रमुख केंद्रों आरके कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय और उच्च विद्यालय, हसनपुर में छापेमारी की गयी. इन केंद्रों से पुलिस ने कुल 24 लोगों को हिरासत में लिया. जिनसे पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन, मुख्य सरगना और इसमें शामिल अन्य चेहरों को बेनकाब करने के लिए सघन छापेमारी कर रही है.
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