Newswave Desk: “जिसकी लाठी, उसकी भैंस” – ये कहावत आजकल बंगाल की सियासत पर बिल्कुल फिट बैठती नजर आ रही है. बता दें, पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है. चुनाव के बाद से ही राज्य में सियासी खींचतान जारी है और अब मामला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सुरक्षा तक पहुंच गया है. TMC के एक राज्यसभा सांसद ने आरोप लगाया है कि कोलकाता स्थित उनके आवास के बाहर तैनात पुराने निजी सुरक्षा अधिकारियों (PSO) को बदल दिया गया है. इस आरोप के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है.
TMC के कई बड़े नेताओं ने BJP पर साधा निशाना
TMC नेताओं ने इस कदम को बीजेपी की साजिश बताया है और सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं. वहीं, पुलिस सूत्रों का कहना है कि ममता बनर्जी की सुरक्षा में तैनात किसी भी पुलिसकर्मी को विभाग ने नहीं हटाया है. सूत्रों के मुताबिक, कथित बदलाव की जानकारी मिलते ही ममता बनर्जी नाराज हो गई और उन्होंने नए तैनात पुलिसकर्मियों को अपने आवास से वापस जाने को कह दिया. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस पूरे विवाद पर TMC के कई बड़े नेताओं ने बीजेपी पर निशाना साधा है.
डेरेक ओ’ब्रायन ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि मुख्यमंत्री के आवास के बाहर तैनात तीन PSO को देर रात बदला गया, जब ममता बनर्जी घर पर ही मौजूद थीं. वहीं, सागरिका घोष ने इसे “चिंताजनक” बताते हुए कहा कि एक पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा किसी भी हालत में राजनीतिक मुद्दा नहीं बननी चाहिए. उन्होंने इसे “प्रतिशोध की राजनीति” करार दिया.
महुआ मोइत्रा ने भी तीखा हमला बोला
महुआ मोइत्रा ने भी तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ममता बनर्जी को जानबूझकर अपमानित किया जा रहा है और उनकी सुरक्षा के साथ खिलवाड़ हो रहा है.TMC के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने भी आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक बदले की भावना से उठाया गया है और इससे एक पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. हालांकि, इन सभी आरोपों के बीच सरकारी पक्ष का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई अनियमित बदलाव नहीं किया गया है. TWITTER LINK



