Kumar Rohit
Ranchi : राजधानी के दशम फॉल थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई कथित रोड रेज और कार का शीशा तोड़ने की घटना का सच अब पूरी तरह सामने आ चुका है. सोशल मीडिया और शुरुआती मीडिया खबरों में जिसे सरेआम गुंडागर्दी और युवतियों के साथ बदसलूकी के रूप में प्रचारित किया जा रहा था, उसकी अंदरूनी कहानी पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयानों के बाद बिल्कुल अलग निकली है. न्यूज वेव झारखंड की टीम द्वारा की गई जमीनी पड़ताल में यह साफ हुआ कि यह मामला एकतरफा गुंडागर्दी का नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटना के बाद उपजे विवाद का परिणाम था. इस मामले की जब पड़ताल की गई तो पता चला, कि एक युवती ने स्टेट कंट्रोल रूम में 12:33 पर कॉल की और कहा कि एक कार एक कार उनका पीछा कर रही है. इसके बाद स्टेट कंट्रोल रूम ने 12:38 में जिला कंट्रोल रूम को इस घटना की सूचना दी गई. इसके एक मिनट के अंदर ही जिला कंट्रोल रूम के द्वारा दशम फॉल थाना प्रभारी को 12: 39 में पूरी घटना के बारे में अवगत कराया गया और कार्रवाई करने को कहा गया. इसके बाद पहले बाइक से पुलिसकर्मी को भेजा गया, जो छह मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गये. इसके बाद पुलिस की गाड़ी भी मौके पर 10 मिनट के अंदर पहुंच गई. वहीं, दूसरी ओर कहा गया कि मौके पर कोई भी हाईवे पेट्रोलिंग की गाड़ी नहीं दिखाई दी. सच्चाई यह है कि 12:18 से लेकर 12:55 तक हाईवे पेट्रोल वाहन- 2 दशम फॉल से थाना से लेकर बुंडू तक लगातार पेट्रोलिंग कर रही थी. इसका रिकॉर्ड भी सामने आया है.

कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद
पड़ताल के अनुसार, जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र के सरजमदा निवासी एक युवक की कार (JH 05 EA 9079) में तीन युवती और सवार थी. जो जमशेदपुर से हजारीबाग की ओर जा रहे थे. दोपहर करीब सवा बारह बजे के आसपास, जब उनकी कार दशम फॉल थाना क्षेत्र के पांचों गांव के पास पहुंची, तो उनकी गाड़ी ने आगे चल रही एक काले रंग की स्कॉर्पियो (JH 01 GH 4141) को जोरदार टक्कर मार दी. स्कॉर्पियो में रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के रहने वाले दो सवार थे.

टक्कर के बाद भागने का प्रयास और किया पीछा
टक्कर की इस घटना के बाद स्कॉर्पियो सवार युवक अपनी गाड़ी रोककर बात करना चाहते थे, लेकिन कार चालकों ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और मौके से भागने का प्रयास किया. अपनी गाड़ी को क्षतिग्रस्त देखकर स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कार का पीछा करना शुरू किया. काफी दूर तक पीछा करने के बाद युवकों ने कार को आगे जाकर रोक लिया. इसी दौरान, गुस्से में आकर युवकों ने कार को रोकने और अंदर बैठे लोगों को बाहर निकालने के लिए कार के शीशे पर वार कर दिया. जिससे शीशा टूट गया. इसी तोड़फोड़ का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसे बिना पूरी सच्चाई जाने गुंडागर्दी का नाम दे दिया गया.

10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंची पुलिस
कथित तौर पर मीडिया के एक वर्ग में यह खबरें चल रही थी कि डायल 100 या 112 पर कॉल करने के 10 मिनट बाद में भी पुलिस नहीं पहुंची. हालांकि, ‘न्यूज वेव झारखंड’ की टीम ने जब डायल 112 के आधिकारिक लॉग रिपोर्ट की जांच की, तो सच कुछ और ही निकला. सूचना मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर डायल 112 और हाईवे पेट्रोलिंग की टीम मुस्तैदी दिखाते हुए घटना स्थल पर पहुंच गई थी और स्थिति को नियंत्रित किया.
30 हजार के हर्जाने के साथ आपसी समझौता
कार का शीशा टूटने के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और तनाव का माहौल बन गया था. हालांकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रबुद्ध जनों, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों पक्षों के वरिष्ठ लोगों ने हस्तक्षेप किया. बातचीत के बाद दोनों पक्षों ने समझदारी का परिचय दिया और कानूनी पचड़े में पड़ने के बजाय आपसी रजामंदी से एक लिखित समझौता पत्र तैयार किया.
जाने समझौते की मुख्य शर्तें
- प्रथम पक्ष ने लिखित निर्णय लिया कि वे इस दुर्घटना या तोड़फोड़ के संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे.
- अपनी गलती और गुस्से में किए गए नुकसान को स्वीकार करते हुए द्वितीय पक्ष (स्कॉर्पियो सवार युवकों) ने क्षतिग्रस्त कार की मरम्मत के लिए मौके पर ही 30 हजार की नकद राशि हर्जाने के रूप में दी.
- इस पूरे विवाद, पीछा करने और झड़प के दौरान सबसे राहत की बात यह रही कि किसी भी पक्ष के किसी भी व्यक्ति को कोई शारीरिक चोट नहीं आई है. पुलिस और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप से यह मामला अब पूरी तरह शांत हो चुका है.


