Ranchi: राज्यभर में 193 एक्टिव सरकारी अस्पतालों से लोगों का मोह भंग होता नजर आ रहा है. खुद स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े चौंकाने वाले हैं. सरकारी अस्पतालों के बुनियादी ढांचे की मजबूती तो दिखती है, लेकिन मरीजों की संख्या न के बराबर है. इसका फायदा निजी अस्पताल उठा रहे हैं.
खाली पड़े हैं वार्ड
झारखंड के 193 सक्रिय सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में कुल 15,298 बेड उपलब्ध हैं. आलम यह है कि इनमें से 12,042 बेड फिलहाल खाली हैं. यानी राज्य की एक बड़ी आबादी के लिए चिकित्सा संसाधन तो मौजूद हैं, लेकिन उनका उपयोग उस स्तर पर नहीं हो रहा है जिसकी उम्मीद की जाती है.
सीएचसी और एसडीएच की चिंताजनक स्थिति
सबसे ज्यादा चौंकाने वाले आंकड़े सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडल अस्पतालों के हैं. सीएचसी में 5,610 बेडों में से 5,583 खाली पड़े हैं, वहीं एसडीएच में 650 में से मात्र 2 बेड पर ही मरीज हैं. ग्रामीण और ब्लॉक स्तर पर लोग इन सुविधाओं का लाभ नहीं उठा रहे हैं. इसकी वजह पर्याप्त चिकित्सा स्टाफ और संसाधनों की कमी बताई जा रही है, जिसके कारण मरीज सीधे बड़े शहरों या निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं.
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क्या कहते हैं आंकड़े और क्या है फैक्ट फाइल
• राज्य के 193 एक्टिव सरकारी अस्पतालों में कुल 15,298 बेड उपलब्ध हैं, जिनमें से 12,042 बेड अभी खाली हैं.
• सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र: कुल बेड: 5,610, खाली: 5,583
• जिला अस्पताल: कुल बेड: 4,469, खाली: 2,887
• मातृ एवं शिशु अस्पताल: कुल बेड: 4,569, खाली: 2,925
• अनुमंडलीय अस्पताल: कुल बेड: 650, खाली: 648
