Ranchi: सिविल कोर्ट के अपर न्यायायुक्त एसएन तिवारी की अदालत में साइबर ठगी मामले के दो अभियुक्त अनिल दास व प्रकाश दास को चार-चार साल का सश्रम कारावास तथा 80-80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
मामले में एपीपी सिद्धार्थ सिंह ने अभियोजन की ओर से बहस की. उन्होंने सात गवाहों की गवाही दर्ज कराई, जिसके आधार पर अदालत ने उन्हें सजा सुनाई. गौरतलब है कि 28 अप्रैल को अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराया था. मामला वर्ष 2020 का है.
खातों में आए थे ठगी के पैसे
गौरतलब है कि दोनों अभियुक्तों के खातों में साइबर ठगी के 25-25 हजार रुपये आए थे. मामले में पुलिस अधिकारी धनंजय सिंह के बयान पर सीआईडी के साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी. मामला वर्ष 2020 का है.
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खातों का हो रहा था दुरुपयोग
बताया जाता है कि काफी दिनों से उक्त आरोपियों के खातों का उपयोग साइबर ठग कर रहे थे. कई बार तो इनके खातों में बड़ी-बड़ी राशि भी आई थी. साइबर अपराधी उक्त राशि की निकासी कर दूसरे माध्यम से अपने तक पहुंचाने को कहते थे.
कमीशन के लालच में बने सहयोगी
दोनों अभियुक्तों को अपने खाते का प्रयोग करने के एवज में 25 से 30 प्रतिशत रकम मिल जाती थी. इसलिए दोनों अभियुक्त अनिल दास व प्रकाश दास ने इस संबंध में किसी से कोई जिक्र नहीं किया.
जांच में खुला पूरा मामला
जब सीआईडी के साइबर थाना में मामला दर्ज हुआ और अनुसंधान शुरू किया गया, तो दोनों अभियुक्तों की भूमिका सामने आई.
