Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा योग्य चिकित्सकों को उचित सम्मान देने के लिए दो बड़े नियमों के तहत समायोजन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ डॉक्टरों और पीजी डिग्री (PG degree) व डिप्लोमाधारी चिकित्सा पदाधिकारियों को गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ संवर्ग और चिकित्सा शिक्षा सेवा में शामिल होने का अवसर दिया गया है. इच्छुक एवं योग्य चिकित्सकों को 28 जून तक अपना विकल्प विभाग को सौंपना होगा.
गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ संवर्ग: अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ
• नियमावली 2021 के तहत मूल कोटि (लेवल-9, ग्रेड पे ₹5400) में कार्यरत विशेषज्ञता प्राप्त डॉक्टरों को रिक्तियों के आधार पर गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सक संवर्ग में समायोजित किया जाएगा.
• डिग्रीधारी डॉक्टरों को फायदा: स्नातकोत्तर (एमडी व एमएस) डिग्रीधारी डॉक्टरों को 4 अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ मिलेगा.
• डिप्लोमाधारी डॉक्टरों को फायदा: स्नातकोत्तर डिप्लोमाधारी चिकित्सकों को 3 अतिरिक्त वेतन वृद्धि दी जाएगी.
• सीनियर डॉक्टरों के लिए: जिनका वेतनमान मूल कोटि से अधिक है, वे भी इस संवर्ग में समायोजित हो सकेंगे, हालांकि उन्हें अतिरिक्त वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा.
• शर्त: चिकित्सक को अपनी विशेषज्ञता वाले विषय के सभी मुख्य कार्यों का व्यावहारिक अनुभव और कार्य क्षमता होना अनिवार्य है.
मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक बनने का मौका
झारखंड चिकित्सा शिक्षा सेवा नियमावली 2026 के प्रावधानों के तहत अब राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक के पदों पर सीधी नियुक्ति के साथ-साथ समायोजन का रास्ता साफ हो गया है. आवश्यकतानुसार अधिकतम 40% पद झारखंड स्वास्थ्य सेवा या गैर-शैक्षणिक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा में कार्यरत योग्य डॉक्टरों के समायोजन से भरे जाएंगे. शेष 60% पदों पर झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा सीधी भर्ती की जाएगी. भारतीय चिकित्सा परिषद के मापदंडों और योग्यताओं को पूरा करने वाले सभी इच्छुक डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे निर्धारित प्रपत्र में आगामी 28 जून तक अपना आवेदन अवश्य जमा कर दें.



