रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम के विश्व प्रसिद्ध शिक्षण संस्थानों में अध्ययन, शोध और अध्यापन कार्य कर रहे झारखंड के प्रतिभाशाली छात्रों से मुलाकात की. मंगलवार को हुई इस मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने इन युवाओं की उपलब्धियों को राज्य के लिए गर्व का विषय बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
मुख्यमंत्री ने कहा कि एडिनबर्ग विश्वविद्यालय, ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय, एसओएएस लंदन विश्वविद्यालय, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स तथा सेंट एंड्रयूज विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में पढ़ रहे झारखंड के युवाओं से मिलकर उन्हें अत्यंत प्रसन्नता हुई. उन्होंने कहा कि ये छात्र न केवल उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर शोध और ज्ञान के प्रसार में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.

ओवरसीज छात्रवृत्ति से खुल रहे अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के द्वार.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाएं अब सकारात्मक परिणाम दे रही हैं. मारंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ओवरसीज छात्रवृत्ति योजना तथा शेवनिंग-मारंग गोमके ओवरसीज छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्ग के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य आर्थिक बाधाओं को दूर कर राज्य के युवाओं को विश्व के सर्वोच्च शिक्षण मंचों तक पहुंचाना है.
झारखंड इस वर्ष अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर रहा है. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘विजन 2050’ की रूपरेखा साझा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में राज्य का हर युवा वैश्विक मंच पर अपनी अलग पहचान बनाए और ज्ञान तथा सम्मान के साथ देश और दुनिया का नेतृत्व करे.
