Ranchi: सहारा इंडिया से जुड़े कथित ठगी के मामलों में लंबे समय से न्याय और अपनी जमा राशि की वापसी का इंतजार कर रहे लोगों का सब्र अब जवाब देने लगा है. रविवार को रांची के खटाल स्थित धरना स्थल पर विश्व भारती जनसेवा संस्थान की ओर से अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू किया गया. सत्याग्रह कर रहे लोगों का आरोप है कि सहारा इंडिया से पीड़ित हजारों लोगों को आज तक उनका हक और न्याय नहीं मिल पाया है. कई पीड़ित न्याय का इंतजार करते-करते इस दुनिया से चले गए, लेकिन उनके परिवार वाले आज भी अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

परिवार बिखर गए, सरकारें सिर्फ भरोसा देती रहीं
सत्याग्रह कर रहे लोगों ने कहा कि इस ठगी के कारण कई परिवार आर्थिक संकट में पहुंच गए. लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई इस भरोसे पर जमा की थी, कि जरूरत के समय उनका पैसा वापस मिलेगा. लेकिन लंबे समय बाद भी कई पीड़ित अपने पैसे के लिए भटक रहे हैं. उनका कहना है कि केंद्र सरकार से भी उन्हें लंबे समय तक उम्मीद रही, लेकिन अब राज्य सरकार से भी निराशा हाथ लग रही है. सत्याग्रहियों ने आरोप लगाया कि झारखंड सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने को लेकर जो भरोसा दिया था, उस पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई.

भ्रष्ट लोगों की गिरफ्तारी नहीं होने पर सवाल
सत्याग्रह कर रहे लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि सहारा इंडिया मामले से जुड़े जिन लोगों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है, उनकी गिरफ्तारी तक नहीं हो रही है. उनका कहना है कि सिर्फ आश्वासन से पीड़ितों की समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ितों की राशि वापस कराने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे.

न्याय मिलने तक नहीं टूटेगा सत्याग्रह
सत्याग्रहियों ने साफ शब्दों में कहा कि यह आंदोलन अनिश्चितकालीन है. जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, वे धरना स्थल से नहीं उठेंगे. जरूरत पड़ने पर आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए भूख हड़ताल भी शुरू करने की चेतावनी दी गई है. सत्याग्रहियों ने कहा, कि न्याय के इंतजार में मरने से अच्छा है कि न्याय के लिए लड़ते-लड़ते मरें.

