झारखंड में 76 हजार से अधिक कर्मियों ने किया आवेदन, 68,144 कर्मियों का PPO जनरेट, 7,490 आवेदन लंबित, जानिए कहां अटकी हैं फाइलें और कितनों को मिली हरी झंडी

Ranchi: झारखंड सरकार सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह डिजिटल बनाने की कवायद रंग ला रही है....

Ranchi:  झारखंड सरकार सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम और पूरी तरह डिजिटल बनाने की कवायद रंग ला रही है. ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राज्य के 76,626 सरकारी कर्मचारियों ने ई-पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है. इस बड़ी संख्या के बीच हजारों फाइलें अभी भी प्रशासनिक स्क्रूटनी और मंजूरी के अलग-अलग स्तरों पर लंबित हैं. 

बैक टू एम्प्लॉई और डीडीओ स्तर पर फंसा पेंच

पेंशन प्रक्रिया की शुरुआत में ही कई आवेदनों में कमियां पाए जाने के कारण उन्हें वापस भेजा गया है, तो कई अभी शुरुआती वेरिफिकेशन स्तर पर ही अटके हैं आंकड़ों के अनुसार, कुल 605 आवेदन ऐसे हैं जिन्हें जांच के बाद त्रुटियों में सुधार के लिए वापस संबंधित कर्मचारियों को भेज दिया गया है. इन आवेदनों में सुधार होते ही इन्हें दोबारा आगे बढ़ाया जाएगा.

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डीडीओ स्तर पर लंबित

पेंशन प्रक्रिया की पहली और सबसे महत्वपूर्ण कड़ी डीडीओ (आहरण एवं संवितरण अधिकारी) स्तर की होती है. वर्तमान में 2,603 आवेदन डीडीओ स्तर पर लंबित हैं, जहां सेवा पुस्तिका और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों का सत्यापन चल रहा है.प्रशासनिक रूप से पेंशन को अंतिम मंजूरी देने वाली सेंक्शन अथॉरिटी के टेबल पर फिलहाल 1,026 आवेदन पेंडिंग पड़े हैं. राज्य सरकार के स्तर से सभी औपचारिकताएं पूरी कर 1,537 फाइलें महालेखाकार कार्यालय को भेजी जा चुकी हैं.

एजी स्तर पर पेंडिंग

 पेंशन निर्धारण और पीपीओ  जारी करने की अंतिम दहलीज यानी एजी ऑफिस में फिलहाल 3,224 आवेदन लंबित हैं.कुल आवेदनों में से 68,144 कर्मचारियों का पीपीओ जनरेट किया जा चुका है.इसके अलावा 1,537 आवेदन ऐसे हैं जिन्हें राज्य सरकार के स्तर से एजी ऑफिस के लिए बढ़ा दिया गया है, जो कि अंतिम क्लियरेंस की प्रक्रिया में हैं.

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