Ranchi: पुलिस के डर से फरार चल रहे कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और जेल में बंद अपराधी सुजीत सिन्हा के साथ साथ उसके गुर्गों के खिलाफ भी अब UAPA की धाराओं के तहत केस चलेगा. पुलिस ने रांची के एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित होटल टिटॉस में रंगदारी के लिए की गई हत्या के मामले में पुलिस ने प्रिंस खान, सुजीत सिन्हा और उसके गैंग के अन्य सदस्यों राहुल राणा, कौशल पांडेय , गोडवीन खान समेत अन्य के खिलाफ दर्ज केस में UAPA (अनलॉफूल एक्टिविटी प्रीवेन्शन एक्ट) की धारा 16 , 17, 18. 19 और 20 के तहत केस चलाने की अनुमति कोर्ट से मांगी थी, कोर्ट ने UAPA की धाराओं को जोड़ने के आवेदन को स्वीकार कर लिया है.

राहुल राणा फरार, अग्रिम जमानत पहले ही खारिज
जिसके बाद अब प्रिंस खान के गुर्गों राहुल राणा और कौशल पांडेय समेत अन्य गुर्गों को UAPA के तहत आरोपी बनाया गया है. राहुल राणा को पुलिस ने शूटरों के बयान के आधार पर अभियुक्त बनाया है और रंगदारी के लिए हत्या से जुड़े केस में नाम आने के बाद राहुल राणा पुलिस की गिरफ्तारी के डर से फरार है उसे अग्रिम बेल देने से रांची सिविल कोर्ट इंकार कर चूका है.
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कौन-कौन सी धाराएं लगीं?
UAPA की धारा 16 और 17 आतंकी कृत्य के लिए और आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन इकठा करने की धारा है.धारा 18 आतंकी साजिश रचने की धारा है धारा 19 और 20 आतंकियों को शरण देना और आतंकी गिरोह का सदस्य होने से जुडी धारा है. UAPA की धाराएं जुड़ने के बाद इस केस की कमान हटिया डीएसपी के हाथों में दे दी गई है. UAPA की धाराओं में केस चलाने का स्पष्ट मतलब यह है कि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर प्रिंस खान उसके गुर्गे राहुल राणा और कौशल पांडे को एक सामान्य अपराधी के बजाय देश की अखंडता और शांति के लिए खतरा (आतंकवादी) मान लिया है.
पाकिस्तान में छिपे होने की चर्चा
हाल के दिनों में यह जानकारी सामने आई थी कि प्रिंस खान फिलहालपाकिस्तान में छिपा बैठा है और वहीं से झारखंड के विभिन्न हिस्सों में अपना रंगदारी और हत्या का सिंडिकेट चला रहा है. वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर व्यवसायियों को धमकाने और खौफ पैदा करने का काम करता रहा है. प्रिंस खान और उसका गिरोह अब एक संगठित आतंकी मॉड्यूल की तरह काम कर रहा है.
