Palamu: पलामू टाइगर रिजर्व (PTR) अब अपने आसपास के इलाकों में मौजूद लाइसेंसी हथियारों का रिकॉर्ड जुटा रहा है. वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार पर नजर रखने के उद्देश्य से PTR ने पलामू समेत पांच जिलों के प्रशासन से हथियार लाइसेंस की पूरी जानकारी मांगी है. PTR की ओर से पलामू, गढ़वा, लातेहार, गुमला और लोहरदगा के उपायुक्तों को पत्र भेजकर यह बताने को कहा गया है कि रिजर्व क्षेत्र से जुड़े इलाकों में कितने लोगों के पास हथियार के लाइसेंस हैं और ये लाइसेंस किन लोगों के नाम जारी किए गए हैं.

लातेहार ने दी जानकारी, चार जिलों से जबाव बाकी
अब तक केवल लातेहार जिला प्रशासन ने PTR को जानकारी उपलब्ध कराई है. इसके अनुसार PTR क्षेत्र में 10 लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं. बाकी चार जिलों से अभी जानकारी मिलने का इंतजार है. वन विभाग का कहना है कि इस रिकॉर्ड के जरिए यह पता लगाया जा सकेगा कि टाइगर रिजर्व से जुड़े इलाकों में कितने लाइसेंसी हथियार हैं और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जा रहा है.
शिकार रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने की तैयारी
PTR के उपनिदेशक प्रजेशकांत जेना के अनुसार, हथियारों की जानकारी जुटाने का मकसद वन्यजीवों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है. विभाग यह भी सुनिश्चित करना चाहता है कि लाइसेंसी हथियारों का इस्तेमाल किसी भी स्थिति में वन्यजीवों के शिकार के लिए न हो. उन्होंने बताया कि रिजर्व से सटे 10 किलोमीटर के क्षेत्र में हथियार का लाइसेंस जारी करने के लिए PTR के उपनिदेशक या निदेशक स्तर के अधिकारियों की सहमति जरूरी है. इसी व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिलों से रिकॉर्ड साझा करने का आग्रह किया गया है.
इको सेंसटिव जोन पर भी नजर
पलामू टाइगर रिजर्व इको सेंसेटिव जोन में आने वाले क्षेत्रों को लेकर भी निगरानी कर रहा है. रिजर्व क्षेत्र और उसके आसपास लाइसेंसी हथियारों को लेकर निर्धारित नियम और गाइडलाइन हैं. PTR की कोशिश है कि इन नियमों का पालन सुनिश्चित हो और जंगल तथा वन्यजीवों की सुरक्षा में किसी तरह की चूक न हो.
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