पुलिस वेतन घोटाला: CID की कार्रवाई, 1.98 करोड़ रुपये फ्रीज, आरोपी की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, 10 करोड़ का हुआ मनी ट्रेल

Ranchi : झारखंड के बोकारो कोषागार से अवैध तरीके से सरकारी राशि निकालने के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने अपनी...

Ranchi : झारखंड के बोकारो कोषागार से अवैध तरीके से सरकारी राशि निकालने के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने अपनी जांच तेज कर दी है. इस घोटाले की जांच के लिए आईजी पंकज कंबोज के नेतृत्व में गठित एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1.98 करोड़ रुपये।की राशि फ्रीज कर दी है और मुख्य आरोपियों की अवैध संपत्तियों का पता लगाया है.

10 करोड़ के मनी ट्रेल का खुलासा:

सीआईडी की जांच के मुताबिक बोकारो कोषागार से अवैध निकासी के मामले में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये।के मनी ट्रेल का पता चला है. जांच में पाया गया कि सरकारी धन को विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था. त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने।विभिन्न बैंकों में ट्रांसफर 1.80 करोड़ रूपया को फ्रीज किया. साथ ही 18 लाख रुपये के फिक्स्ड डिपॉजिट को भी सीज कर दिया गया है.

आरोपी अशोक कुमार भंडारी के ठिकानों पर छापेमारी:

इस मामले के आरोपी अशोक कुमार भंडारी (जो पुलिस अधीक्षक कार्यालय, बोकारो की लेखा शाखा में प्रतिनियुक्त थे) के आवास पर एसआईटी ने छापेमारी की. इस दौरान उनकी निजी संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों के अनुसार तेलीडीह, बोकारो में स्थित 04.08 डिसमिल भूमि,
उसी भूमि पर निर्मित एक तीन मंजिला आलीशान मकान और तेलीडीह में ही स्थित 04.98 डिसमिल की एक अन्य जमीन शामिल है.

मुख्य आरोपी समेत कई गिरफ्तार:

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस घोटाले में शामिल मुख्य अभियुक्तों को पहले ही सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है. गिरफ्तार किए गए प्रमुख व्यक्तियों में कौशल कुमार पाण्डेय (तत्कालीन लेखापाल), सतीश कुमार और अशोक कुमार भंडारी शामिल है.

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