हजारीबाग नगर निगम में बढ़ी सियासी तकरार, मेयर-डिप्टी मेयर आमने-सामने?

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है. नगर...

Hazaribagh: हजारीबाग नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के बीच चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आती दिख रही है. नगर निगम की राजनीति में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब डिप्टी मेयर 27 पार्षदों के समर्थन के साथ नगर आयुक्त के पक्ष में उतर आए. इस घटनाक्रम ने निगम की अंदरूनी राजनीति को गरमा दिया है और शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है.

सूत्रों के अनुसार, नगर निगम के प्रशासनिक फैसलों और कार्यशैली को लेकर पिछले कुछ दिनों से मेयर और नगर आयुक्त के बीच मतभेद की स्थिति बनी हुई थी. इसी बीच डिप्टी मेयर ने बड़ी संख्या में पार्षदों को साथ लेकर यह संकेत दे दिया कि निगम के भीतर शक्ति संतुलन बदल रहा है. 27 पार्षदों का खुला समर्थन मिलने के बाद डिप्टी मेयर का राजनीतिक कद भी मजबूत होता दिखाई दे रहा है.

नगर आयुक्त के समर्थन में उतरे पार्षद

बताया जा रहा है कि डिप्टी मेयर और पार्षदों ने नगर आयुक्त के कार्यों को पारदर्शी और विकासोन्मुख बताते हुए उनका समर्थन किया. उनका कहना है कि शहर में कई विकास योजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और प्रशासनिक स्तर पर काम में अनावश्यक बाधा नहीं आनी चाहिए. दूसरी ओर, मेयर खेमे के समर्थक इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की अनदेखी और जनप्रतिनिधियों की भूमिका को कमजोर करने की कोशिश बता रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि निगम के भीतर अब साफ तौर पर दो गुट बनते नजर आ रहे हैं.

विकास कार्य प्रभावित नहीं होने की उम्मीद

शहर की जनता भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. लोगों का कहना है कि आपसी विवाद और राजनीतिक खींचतान से विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए. सड़क, सफाई, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान पर निगम को प्राथमिकता देनी चाहिए.

फिलहाल नगर निगम की राजनीति में बढ़ती तल्खी ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या मेयर और डिप्टी मेयर के रिश्तों में अब स्थायी दरार पड़ चुकी है, या फिर यह केवल सत्ता और अधिकारों की जंग है. आने वाले दिनों में निगम की बैठकों और फैसलों पर पूरे शहर की नजर रहेगी.

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