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बोकारो थर्मल में जर्जर डीवीसी आवासों को ढहाने की तैयारी, जारी किया गया खाली करने का नोटिस

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी आवासीय कॉलोनी में जर्जर एवं अनुपयोगी हो चुके आवासों को जमींदोज करने का अभियान...

DVC quarters
डीवीसी आवास

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी आवासीय कॉलोनी में जर्जर एवं अनुपयोगी हो चुके आवासों को जमींदोज करने का अभियान प्रबंधन द्वारा तेजी से चलाया जा रहा है. इसी कड़ी में रेलवे स्टेशन रोड पर स्थित दो अनुपयोगी डोरमेट्री को सफलतापूर्वक धाराशाई करने के बाद, अब प्रबंधन ने कॉलोनी स्थित एसडी-1, एसडी-2, एसडी-3 डोरमेट्री तथा जर्मन हॉस्टल के समीप बने ओडी एक नंबर डोरमेट्री को भी तोड़ने का निर्णय लिया है. सुरक्षा के दृष्टिकोण से इन भवनों की स्थिति को अत्यंत जर्जर और मानव निवास के लिए बेहद खतरनाक पाया गया है. इसे लेकर डीवीसी के भू-संपदा विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक सुरजीत सरकार द्वारा एक आधिकारिक एवं अत्यावश्यक सूचना नोटिस जारी की गई है. जारी नोटिस के अनुसार, इन भवनों में रह रहे सभी लोगों को तत्काल प्रभाव से अपने क्वार्टर खाली करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं.

विभाग की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन पर उठ रहे सवाल

इस बीच, प्रबंधन के इस विध्वंस अभियान के साथ ही विभाग की कार्यप्रणाली और वित्तीय प्रबंधन पर भी गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. जिन जर्जर आवासों और डोरमेट्री को अनुपयोगी मानकर अब तोड़ने की तैयारी की जा रही है, उन सभी में हाल ही में डीवीसी प्रबंधन के निर्देश पर स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं. स्थानीय स्तर पर इस बात को लेकर चर्चा और आक्रोश है, कि जब इन सभी आवासों को तोड़कर अंततः ध्वस्त ही करना था, तो इनमें नए स्मार्ट मीटर लगाने की क्या आवश्यकता थी.

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वहीं, डीवीसी के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि एक-एक स्मार्ट मीटर की अनुमानित कीमत करीब 50 से 60 हजार रुपए की है. ऐसे में लाखों रुपये की लागत से लगे इन कीमती मीटरों वाले भवनों को जमींदोज करने का निर्णय सीधे तौर पर सरकारी धन और संसाधनों की बर्बादी को दर्शाता है, जिससे प्रबंधन की अदूरदर्शिता साफ उजागर होती है.

वैध रूप से रह रहे लोगों के लिए वैकल्पिक आवास आवंटित

दूसरी ओर, प्रबंधन ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि उक्त डोरमेट्री में जितने भी वैध डीवीसी कर्मचारी, सप्लाई वर्कर या बाहरी एजेंसियों के अधिकृत लोग निवास कर रहे हैं, उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक आवास आवंटित कर दिए गए हैं. इन वैध कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे सूचना जारी होने की तिथि से एक माह के भीतर वैकल्पिक आवासों में शिफ्ट होकर संबंधित क्वार्टर को अनिवार्य रूप से खाली कर दें.

अवैध रूप से कब्जा जमाए लोगों को 7 दिन में खाली करने का नोटिस

वहीं, इन डोरमेट्री और आवासों में एक बड़ी संख्या में लोग अवैध रूप से कब्जा जमा कर रह रहे हैं, जिनमें कई अनाधिकृत कब्जाधारी शामिल हैं. ऐसे सभी अवैध निवासियों को प्रबंधन ने सख्त अल्टीमेटम देते हुए नोटिस जारी होने की तिथि से महज सात दिनों के भीतर भवन खाली करने का आदेश दिया है. भू-संपदाधिकारी सुरजीत सरकार ने चेतावनी दी है, कि निर्धारित अवधि के भीतर स्वेच्छा से क्वार्टर खाली नहीं करने पर स्थानीय थाना पुलिस और सीआईएसएफ की मदद से बलपूर्वक कब्जा हटाकर भवनों को ध्वस्त किया जाएगा. साथ ही, तय समय सीमा के बाद होने वाली किसी भी प्रकार की क्षति, हानि या दुर्घटना के लिए डीवीसी निगम उत्तरदायी नहीं होगा.

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