Giridih: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को गिरिडीह में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने तथा जाति आधारित जनगणना कराने की मांग को लेकर रैली और प्रदर्शन आयोजित किया गया. कार्यक्रम का नेतृत्व जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पटवा ने किया, जबकि राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा मुख्य रूप से उपस्थित रहे. रैली के बाद प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा. ज्ञापन में वर्ष 2027 की जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने तथा ओबीसी सहित सभी जातियों की जाति आधारित जनगणना कराने की मांग की गई.

भौतिक जनगणना कराने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि जनगणना डिजिटल माध्यम के बजाय भौतिक रूप से कराई जानी चाहिए, ताकि आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित हो सके. उनका कहना था कि इससे वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का बेहतर आकलन संभव होगा. सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि वर्ष 1931 तक देश में जाति आधारित जनगणना होती थी, लेकिन स्वतंत्रता के बाद इसे बंद कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारें इस मुद्दे पर ओबीसी समाज की अपेक्षाओं को पूरा करने में सफल नहीं रही हैं.

आबादी के अनुपात में अधिकार की मांग
वक्ताओं ने कहा कि उनकी मांग किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी समुदायों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है. उन्होंने सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर दिया. कार्यक्रम को भारत मुक्ति मोर्चा, बहुजन मुक्ति पार्टी, राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा और बहुजन क्रांति मोर्चा सहित कई संगठनों का समर्थन प्राप्त हुआ. रैली में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया.
इन नेताओं ने किया संबोधित
सभा को सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा, प्रो. जागेश्वर यादव, एडवोकेट कामेश्वर प्रसाद यादव, दामोदर कुमार साहू, रीतलाल प्रसाद वर्मा, जयनारायण दास, भीखी राम पासवान, अरविंद नागवंशी, सूरज यादव, संतोष प्रसाद यादव और शाहिद रजा समेत कई वक्ताओं ने संबोधित किया. कार्यक्रम के अंत में प्रवीण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
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