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दुल्मी में जंगली हाथियों का कहर: पोल्ट्री फार्म तोड़ा, 10 एकड़ सब्जी फसल रौंदी, दहशत में जाग रहे ग्रामीण

राहे: प्रखंड क्षेत्र के दुल्मी गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार की अहले सुबह हाथियों के...

राहे: प्रखंड क्षेत्र के दुल्मी गांव में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार की अहले सुबह हाथियों के झुंड ने गांव में घुसकर जमकर उत्पात मचाया. इस दौरान सुधीर प्रसाद कोईरी के मुर्गी फार्म (पोल्ट्री फार्म) को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया. हाथियों के हमले से फार्म को भारी नुकसान पहुंचा है.

इतना ही नहीं, हाथियों ने गांव के आसपास खेतों में लगी तैयार सब्जी फसलों को भी तहस-नहस कर दिया. ग्रामीणों के अनुसार लखीन कोईरी समेत दर्जनों किसानों की लगभग 10 एकड़ में लगी सब्जी फसल को हाथियों ने रौंद डाला, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. मेहनत से तैयार की गई फसल पल भर में बर्बाद हो जाने से किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि पिछले कई दिनों से पूरे प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक बना हुआ है. हाथियों का झुंड लगातार गांवों के आसपास मंडरा रहा है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं. बच्चों और बुजुर्गों में खासा भय देखा जा रहा है.

ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार नुकसान के बावजूद अब तक कोई ठोस और स्थायी पहल नहीं की गई है. लोगों ने मांग की है कि प्रभावित इलाकों में गश्ती और निगरानी बढ़ाई जाए, हाथियों को रिहायशी क्षेत्रों से दूर खदेड़ा जाए तथा पीड़ित किसानों और परिवारों को जल्द से जल्द उचित मुआवजा दिया जाए.

प्रशासन की कार्रवाई

वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में गश्ती बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है.विभाग की ओर से लोगों से रात में घर से बाहर न निकलने को कहा गया है. हाथियों को भगाने के लिए मशालें और पटाखे भी वितरित किए गए हैं. साथ ही ग्रामीणों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे घरों में महुआ या ऐसा कोई अनाज न रखें, जिसकी गंध से हाथी आकर्षित होते हैं.

गांव में हाथियों की लगातार मौजूदगी से लोगों की नींद उड़ चुकी है और हर कोई प्रशासन से जल्द स्थायी समाधान की मांग कर रहा है.

न्यूज़ वेव की अपील

ग्रामीण अफवाहों से बचें, रात में अकेले बाहर न निकलें और हाथियों की गतिविधि दिखने पर तुरंत वन विभाग व स्थानीय प्रशासन को सूचना दें. सुरक्षा ही सबसे पहली प्राथमिकता है.

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