Ranchi: जिले में खरीफ खेती की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने कमर कस ली है. बुधवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त सह जिला दण्डाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और गव्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ योजनाओं की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की. बैठक में किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने, सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने तथा कृषि योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया. उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि खेती के मौसम में किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

धान की खेती के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश
समीक्षा के दौरान बताया गया कि इस वर्ष अप्रैल में 35.5 मिमी और मई में अब तक 77.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है. मौजूदा स्थिति को देखते हुए उपायुक्त ने सभी प्रखंडों में धान की खेती के निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया. इसके अलावा तेलहन और मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा देने की बात कही गई. उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों तक प्रमाणित और गुणवत्तापूर्ण बीज समय पर पहुंचे. उन्होंने कहा कि वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की शिकायत नहीं मिले.
स्टॉक की नियमित जांच के लिए मजिस्ट्रेट तैनात करने का निर्देश
खाद की उपलब्धता को लेकर भी प्रशासन गंभीर नजर आया. अधिकारियों ने जानकारी दी कि जिले में 12 थोक और करीब 150 खुदरा उर्वरक विक्रेता कार्यरत हैं. इस पर उपायुक्त ने खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम संकट की आशंका को देखते हुए लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया. साथ ही स्टॉक की नियमित जांच के लिए मजिस्ट्रेट तैनात करने को कहा.
उपायुक्त ने शिकायतों का त्वरित समाधान करने का दिया निर्देश
बैठक में मिट्टी जांच और सॉइल हेल्थ कार्ड योजना की भी समीक्षा हुई. उपायुक्त ने अधिक से अधिक किसानों की मिट्टी जांच कराने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की बात कही. किसान कॉल सेंटर में आने वाली शिकायतों का त्वरित समाधान करने का भी निर्देश दिया गया. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा देने और अधिक किसानों को इससे जोड़ने पर बल दिया गया. वहीं मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में लाभुक चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने का निर्देश दिया गया.
मत्स्य विभाग को तालाब निर्माण और जीर्णोद्धार कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा करने तथा गव्य विकास विभाग को डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए.
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