Ranchi: JPSC-JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और वर्ष 2014 से अब तक हुई प्रतियोगी परीक्षाओं की जांच कराने के सरकार के फैसले का भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने स्वागत किया है. पार्टी के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक ने कहा कि यह फैसला लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों की बड़ी जीत है.उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र लगातार पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठा रहे थे. सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक छात्रों ने अपनी मांगों को मजबूती से रखा. छात्रों के दबाव के बाद सरकार को परीक्षा रद्द करने और पुरानी भर्ती परीक्षाओं की जांच का फैसला लेना पड़ा.
2014 से अब तक की परीक्षाओं की होगी जांच
महेंद्र पाठक ने कहा कि सरकार ने विवादित CGL परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से परीक्षा कराने का फैसला लिया है. साथ ही 2014 से अब तक हुई सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी.उन्होंने कहा कि जांच निष्पक्ष होनी चाहिए और दोषी पाए जाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
जांच में छात्रों को भी शामिल करने की मांग
भाकपा ने सरकार के सामने कुछ मांगें भी रखी हैं. पार्टी का कहना है कि जांच कमेटी में छात्रों और बेरोजगार संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए.महेंद्र पाठक ने मांग की कि जांच छह महीने के अंदर पूरी हो और इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए. इसके अलावा नई CGL परीक्षा भी 90 दिनों के भीतर पारदर्शी तरीके से कराने की मांग की गई है.
CBI जांच की मांग पर भाजपा पर निशाना
महेंद्र पाठक ने CBI जांच की मांग को लेकर भाजपा पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है. उनका कहना है कि जब सरकार न्यायिक जांच के लिए तैयार है, तो CBI जांच की मांग करके मामले को लंबा खींचने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि भाकपा के अनुसार न्यायिक जांच के जरिए मामले की सच्चाई सामने लाई जा सकती है और दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सकती है.
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एकजुट होकर लड़ने से मिली सफलता
महेंद्र पाठक ने आंदोलन में शामिल सभी छात्र-युवाओं को बधाई दी. उन्होंने कहा कि इस आंदोलन ने दिखाया है कि जब छात्र और युवा एकजुट होकर अपनी मांगों के लिए संघर्ष करते हैं, तो सरकार को उनकी बात सुननी पड़ती है.
