Ranchi: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर RKDF यूनिवर्सिटी, रांची में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली विरासत को समर्पित भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया.

संस्कृति और परंपरा की झलक
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पारंपरिक वेशभूषा, जनजातीय नृत्य, लोकगीत, पोस्टर और ड्राइंग प्रतियोगिता, फूड स्टॉल और ट्राइबल आर्ट एंड क्राफ्ट के माध्यम से झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया. पारंपरिक परिधानों और लोकनृत्यों ने सभी का मन मोह लिया.

संस्कृति संरक्षण का संदेश
वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समाज की संस्कृति, प्रकृति संरक्षण, जल-जंगल-जमीन के प्रति सम्मान और सामुदायिक जीवन के मूल्य आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं. युवाओं से अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने का आह्वान किया गया.


एकता और सांस्कृतिक गौरव
कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया. विश्वविद्यालय परिवार ने अंत में समस्त आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी उतना ही आवश्यक है.
शिक्षा के साथ सांस्कृतिक जागरूकता पर भी जोर
कार्यक्रम के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि RKDF यूनिवर्सिटी, रांची शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है.

आदिवासी समाज को दी गई शुभकामनाएं
अंत में RKDF यूनिवर्सिटी, रांची परिवार की ओर से समस्त आदिवासी समाज को विश्व आदिवासी दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई.“हमारी जड़ें हमारी ताकत हैं, हमारी संस्कृति हमारी पहचान है और हमारी विरासत हमारा गौरव है.”
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