खनिज क्षेत्र में रिकॉर्ड तेजी: कुल राजस्व 5,000 करोड़ के पार, वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अब तक कुल खनिज उत्पादन 8.58 करोड़ मीट्रिक टन

Ranchi: वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अब तक झारखंड के खनिज क्षेत्र में अभूतपूर्व और शानदार उछाल देखने को मिला है. सरकार की...

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Ranchi: वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अब तक झारखंड के खनिज क्षेत्र में अभूतपूर्व और शानदार उछाल देखने को मिला है. सरकार की प्रभावी नीतियों, सुगम खनन प्रक्रियाओं और बढ़ती औद्योगिक मांग के चलते इस अवधि में खनिज उत्पादन, राजस्व संग्रह और खनिज प्रेषण (डिसपैच) के मोर्चे पर ऐतिहासिक आंकड़े दर्ज किए गए हैं. प्रमुख (मेजर) और लघु (माइनर) दोनों ही खनिजों ने इस वृद्धि में अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई है.

राजस्व संग्रह 5,000 करोड़ के पार

वित्तीय वर्ष 2026-2027 में अब तक कुल राजस्व संग्रह 5,000 करोड़ के आंकड़े को पार करते हुए कुल 5074.14 करोड़ तक पहुंच गया है. कुल राजस्व में सबसे बड़ा हिस्सा मेजर मिनरल्स का रहा है, जिनसे कुल 4648.94 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ. यह कुल राजस्व का लगभग 91% से अधिक है. स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री और अन्य लघु खनिजों की बढ़ती मांग के कारण माइनर मिनरल्स से 425.20 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है.

उत्पादन में मेजर और माइनर दोनों की मजबूत भागीदारी

वित्तीय वर्ष 2026-2027 के दौरान कुल खनिज उत्पादन 8,58,15,014.48 मीट्रिक टन दर्ज किया गया है. मेजर मिनरल्स में कुल उत्पादन 6,77,80,244.76 मीट्रिक टन दर्ज किया गया. स्थानीय विकास कार्यों, सड़क निर्माण और भवन निर्माण की जरूरतों को पूरा करते हुए माइनर मिनरल्स का कुल उत्पादन 1,80,34,769.72 मीट्रिक टन रहा.

आपूर्ति श्रृंखला में अभूतपूर्व गति

खानों से खनिजों का उठाव और विभिन्न उद्योगों तक उनकी समय पर आपूर्ति (डिसपैच) किसी भी अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है. वित्तीय वर्ष 2026-2027 में कुल खनिज प्रेषण 11,25,27,133.90 मीट्रिक टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. प्रमुख खनिजों का कुल प्रेषण 8,91,40,616.72 मीट्रिक टन रहा. लघु खनिजों का कुल प्रेषण 23,38,6517.18 मीट्रिक टन दर्ज किया गया, जो क्षेत्रीय स्तर पर चल रहे विकास कार्यों की तेज रफ्तार को उजागर करता है.

अर्थव्यवस्था के लिए क्या हैं मायने?

• कुल उत्पादन लगभग 8.58 करोड़ मीट्रिक टन और कुल प्रेषण लगभग 11.25 करोड़ मीट्रिक टन की तुलना करें, तो यह स्पष्ट है कि न केवल वर्तमान उत्पादन का पूरा उपयोग हो रहा है, बल्कि पिछले भंडार और आपूर्ति श्रृंखला का भी कुशल प्रबंधन किया जा रहा है. प्रेषण का आंकड़ा उत्पादन से अधिक होना यह संकेत देता है कि मांग बहुत मजबूत है और बाजार में खनिजों की खपत तेजी से बढ़ रही है.

• 5074.14 करोड़ का राजस्व इस बात का द्योतक है कि खनन क्षेत्र सरकार के राजकोषीय घाटे को कम करने और राज्यों के पास विकास कार्यों के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विशेष रूप से मेजर मिनरल्स का 4648.94 करोड़ का राजस्व इस बात की पुष्टि करता है कि भारी उद्योग और धातु क्षेत्र उच्च डिमांड में हैं.

• माइनर मिनरल्स से जुड़े आंकड़े जैसे 1.80 करोड़ मीट्रिक टन उत्पादन और 2.33 करोड़ मीट्रिक टन प्रेषण यह साबित करते हैं कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर तेजी से पैदा हो रहे हैं.

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