Chakradharpur: मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 कार्यक्रम के तहत गुरुवार को 56-चक्रधरपुर (अ.जा./अ.ज.जा.) विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी-सह-अनुमंडल पदाधिकारी, पोड़ाहाट चक्रधरपुर की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में निर्वाचन कार्य में प्रतिनियुक्त सभी बीएलओ पर्यवेक्षक एवं कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए. बैठक में वर्ष 2003 में प्रकाशित मतदाता सूची का वर्तमान मतदाता सूची के साथ मैपिंग कार्य तथा विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ द्वारा किए जाने वाले कार्यों की समीक्षा की गई. इस दौरान शेष अनमैप्ड मतदाताओं की मैपिंग शीघ्र पूर्ण करने का निर्देश दिया गया. बताया गया कि चक्रधरपुर विधानसभा क्षेत्र में अब तक 84.02 प्रतिशत मैपिंग कार्य पूरा हो चुका है.
अनमैप्ड मतदाताओं को मैपिंग कार्य पूर्ण कराने का निर्देश
अधिकारियों ने बताया कि सभी अनमैप्ड मतदाताओं की सूची संबंधित मतदान केंद्रों पर प्रदर्शित कर दी गई है. ऐसे मतदाता, जिनका नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में दर्ज है अथवा जिनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम उस सूची में है, वे सूची में अपना नाम देखकर मैपिंग कार्य अवश्य पूर्ण करा लें. बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की पूरी प्रक्रिया की जानकारी भी दी गई. बताया गया कि प्रशिक्षण चरण 20 जून से 29 जून 2026 तक चलेगा. इसके बाद 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक गणना (एन्यूमरेशन) चरण संचालित होगा. इस दौरान बीएलओ मतदाताओं को पूर्व-मुद्रित प्रपत्र उपलब्ध कराएंगे, जिसे भरकर मतदाताओं को वापस जमा करना होगा.

दावा-आपत्ति प्रक्रिया और दस्तावेजों की दी गई जानकारी
अधिकारियों ने बताया कि जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा, उन्हें अनुपस्थित (Absent), स्थानांतरित (Shifted), मृत (Dead) एवं डुप्लीकेट (Duplicate) श्रेणी में चिह्नित किया जाएगा. 5 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. साथ ही, जिन मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होगा और जिनकी मैपिंग भी नहीं हो सकेगी, उन्हें दावा-आपत्ति के नोटिस चरण में नोटिस जारी किया जाएगा. यह प्रक्रिया 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक चलेगी. नोटिस प्राप्त होने पर संबंधित मतदाताओं को निर्धारित 11 प्रकार के दस्तावेजों में से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे.
बैठक में दस्तावेज प्रस्तुत करने के नियमों की भी जानकारी दी गई. इसके अनुसार 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे व्यक्तियों को अपना दस्तावेज, 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को अपना तथा माता या पिता का दस्तावेज, जबकि 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्तियों को अपना तथा माता-पिता दोनों के दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे. अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. बैठक में बीएलओ ऐप एवं ईआरओ-नेट पोर्टल पर की जाने वाली ऑनलाइन प्रक्रियाओं की भी विस्तृत जानकारी दी गई तथा मैपिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए.
