Ranchi: बरियातू स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (RIMS ) की सरकारी जमीन को अवैध तरीके से बेचने के बड़े घोटाले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) झारखंड की टीम ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है. ACB ने शनिवार को रांची स्थित ACB की विशेष अदालत में इस मामले के चार मुख्य आरोपियों के खिलाफ आधिकारिक चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल कर दी है.
इनके खिलाफ की गई चार्जशीट
जिन आरोपियों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट पेश की गई है, उनमें रांची के सदर थाना क्षेत्र (दीपाटोली बांधगाड़ी) के रहने वाले दो सगे भाई राजकिशोर बड़ाईक और कार्तिक बड़ाईक (पिता- स्व. रामदेव बड़ाईक उर्फ सामदेव बड़ाईक) शामिल हैं. इनके अलावा कोकर के आदर्श नगर (पावर सब स्टेशन के पास) निवासी राजेश कुमार झा तथा खूंटी के तोरपा थाना क्षेत्र (पाटपुर) निवासी चैतन कुमार को भी इस घोटाले का मुख्य आरोपी बनाते हुए चार्जशीटेड किया गया है.

कानूनी बाध्यता के तहत ठीक आखिरी दिन दाखिल हुई चार्जशीट
गौरतलब है, कि भ्रष्टाचार और जालसाजी के इस बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए ACB की टीम ने इन चारों ही आरोपियों को इसी साल 7 अप्रैल को गिरफ्तार किया था. कानून के मुताबिक, आरोपियों की गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य होता है अन्यथा आरोपियों को तकनीकी आधार पर जमानत (डिफॉल्ट बेल) मिल जाती है. ACB ने इस कानूनी बाध्यता का कड़ाई से पालन करते हुए ठीक 90वें दिन शनिवार को कोर्ट में पुख्ता साक्ष्यों के साथ चार्जशीट पेश कर दी, जिससे आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.
यह भी पढ़ें: रांची में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 1.60 करोड़ की बड़ी ठगी, पीड़ित के पैसे से खरीदे फ्लैट और लग्जरी सामान


