Ranchi: रांची के रिम्स (RIMS) में लगभग 7 एकड़ अधिग्रहित जमीन की फर्जीवाड़े के जरिये खरीद-बिक्री करने के दो आरोपियों राजकिशोर बड़ाइक और कार्तिक बड़ाइक की जमानत याचिका पर रांची एसीबी की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसीबी को इस मामले में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था जिसके आलोक में एजेंसी ने कोर्ट के समक्ष केस डायरी प्रस्तुत कर दी है. जिसके बाद कोर्ट ने केस डायरी का अवलोकन करने और जमानत पर सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित की है.

पिछले महीने हुई थी आरोपियों की गिरफ्तारी
हाई कोर्ट के आदेश के बाद ACB ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले महीने राजकिशोर और कार्तिक समेत 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था. यह मामला फर्जी वंशावली बनाकर सरकारी जमीन बेचने से जुड़ा है, जिसमें 16 सरकारी अधिकारी-कर्मचारी भी रडार पर हैं.
फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेची गई थी जमीन
एसीबी ने फर्जी वंशावली तैयार करने वाले कार्तिक बड़ाईक, राज किशोर बड़ाईक, चेतन कुमार और राजेश Kumar झा को गिरफ्तार किया है. अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि भू-माफियाओं ने 1964-65 में अधिग्रहित रिम्स की जमीन को फर्जी दस्तावेजों के सहारे निजी संपत्ति बताकर बिल्डरों को करीब 31 लाख रुपये में बेचा था. इस संबंध में ACB ने कांड संख्या 1/2026 दर्ज की है.
