Click Here
Click Here
Click Here

सरायकेला : दिन में जिला माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक, रात को बालू चोरी का खेल

Saraikela: सरायकेला खरसावां जिला का ईचागढ़ थाना और तिरुलडीह थाना क्षेत्र फिर से सुर्खियों में है. पेपर और न्यूज़ में लगातार बालू...

Saraikela: सरायकेला खरसावां जिला का ईचागढ़ थाना और तिरुलडीह थाना क्षेत्र फिर से सुर्खियों में है. पेपर और न्यूज़ में लगातार बालू की अवैध खनन की खबर प्रकाशित होने के बाद भी संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नही की जा रही है. उपायुक्त माइनिंग टास्क फोर्स की बैठक में अवैध बालू खनन, परिवहन व भंडारण पर रोक लगाने का निर्देश देते हैं लेकिन हकीकत कुछ और ही है. रोजाना तिरुलडीह थाना क्षेत्र के स्वर्णरेखा नदी से बालू का अवैध खनन जारी है. बालू माफिया ने स्थानीय लोगो को इस काम मे लगा रखा है. ट्रैक्टर से बालू उठाव को आजीविका का साधन बताकर बालू माफिया ओने पौने दाम में बालू खनन करवाते है और रात को जेसीबी मशीन से उठाकर हाइवा में लोड करते हैं. बालू को पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है. बिना परमिट हाइवा से बालू को पश्चिम बंगाल भेजा जाता है.

क्या मिलीभगत से चलता है गोरखधंधा?

वहीं खनन विभाग कार्रवाई के नाम पर ट्रैक्टर को पकड़ता है, जिसे बड़ी कार्रवाई की संज्ञा दी जाती है. रात भर बेरोकटोक आने-जाने वाले हाइवा को खनन विभाग और प्रशासन क्यो नही पकड़ता है. लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं. बालू माफिया दावा करता है कि इस काले धंधे में नीचे से लेकर ऊपर तक सबको चढ़ावा दिया जाता है. क्या वास्तव में बालू माफियाओं के दावा सही है? या विभाग को बदनाम किया जाता है. आखिर संबंधित विभाग कार्रवाई क्यो नही कर पाती है? ये सब जांच का विषय है.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *